कोरबा। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव का एक बेहद संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसकी चारों ओर सराहना हो रही है। पाली ब्लॉक के डोंगानाला में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम ने प्रोटोकॉल तोड़कर न सिर्फ एक दिव्यांग जन की सुध ली, बल्कि संवेदनशीलता की एक नई मिसाल भी पेश की। कार्यक्रम में जब वे मंच पर मौजूद थे, तभी कपिल नाम का एक दिव्यांग युवक अपनी समस्या का आवेदन देने के लिए व्हीलचेयर के सहारे मंच की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा था।
जैसे ही उपमुख्यमंत्री अरुण साव की नजर मंच की ओर आते दिव्यांग कपिल पर पड़ी, वे तुरंत सुरक्षा और प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना खुद मंच से नीचे उतर आए। उन्होंने कपिल के पास पहुंचकर बेहद आत्मीयता से मुलाकात की और उसका आवेदन हाथ में लिया। इतना ही नहीं, डिप्टी सीएम वहीं मंच की सीढ़ियों पर बैठ गए और आवेदन को ध्यान से पढ़ते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को इसके तुरंत निराकरण के सख्त निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम के इस बेहद सरल, सहज और डाउन-टू-अर्थ (जमीन से जुड़े) व्यवहार को देखकर वहां मौजूद हर कोई भावुक हो गया। सत्ता के शीर्ष पर होने के बावजूद एक आम नागरिक और खासकर दिव्यांग के प्रति ऐसी संवेदनशीलता ने सुशासन तिहार के उद्देश्य को सच में सार्थक कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद जनता और सोशल मीडिया पर अब डिप्टी सीएम अरुण साव के इस मानवीय दृष्टिकोण की जमकर चर्चा और तारीफ हो रही है।
