धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला मुख्यालय में उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब कलेक्ट्रेट में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान एक पीड़ित युवक ने अचानक अपने ऊपर केरोसीन (मिट्टी तेल) उड़ेल लिया। युवक को आत्मघाती कदम उठाते देख वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। मुस्तैद पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत युवक को काबू में किया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इस सनसनीखेज घटना के बाद पीड़ित परिवार ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है और न्याय न मिलने की स्थिति में पूरे परिवार के लिए इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
यह पूरा मामला रास्ते के विवाद और एक परिवार को बेघर करने की कोशिशों से जुड़ा हुआ है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे पिछले 60 वर्षों से अपने मकान में रह रहे हैं, लेकिन अब बूढ़ेश्वर मंदिर समिति और स्थानीय पार्षद द्वारा उन पर लगातार अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। परिवार का दावा है कि उनके घर का मुख्य रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वे उस जगह को छोड़ दें। इस प्रताड़ना और प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर आखिरकार परिवार को यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में परिवार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा है कि अब उनके पास रहने का कोई दूसरा सहारा नहीं बचा है। यदि उन्हें अपने ही घर के लिए रास्ता नहीं मिला, तो पूरा परिवार सामूहिक रूप से जान देने के लिए मजबूर हो जाएगा। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं, जनदर्शन में हुई इस घटना के बाद जिला प्रशासन बैकफुट पर है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने जांच का आश्वासन देकर शांत कराया है।
