जांजगीर-चांपा। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की आड़ में चल रहे अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। साइबर सेल और सिटी कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार देर रात घूरकोट क्षेत्र में घेराबंदी कर ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी के पास से सट्टेबाजी में इस्तेमाल किया जा रहा मोबाइल फोन जब्त किया गया है, जिसमें लाखों के लेन-देन और सट्टा एप्लीकेशन के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नए छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान घूरकोट निवासी 24 वर्षीय आनंद किशोर धीवर के रूप में हुई है। आरोपी युवक आईपीएल मैचों के दौरान हार-जीत पर दांव लगाकर अवैध रूप से सट्टे का संचालन कर रहा था और स्थानीय लोगों से पैसे लगवा रहा था। रविवार की रात जब गुजरात और आरसीबी (RCB) के बीच मुकाबला चल रहा था, तब पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आनंद किशोर अपने मोबाइल के जरिए इस मैच पर बड़ा सट्टा ले रहा है।
सूचना मिलते ही साइबर थाना और कोतवाली पुलिस ने फौरन एक विशेष रणनीति तैयार की और घूरकोट में आरोपी के ठिकाने पर अचानक दबिश दी। पुलिस की इस औचक कार्रवाई से आरोपी को संभलने का मौका नहीं मिला और वह रंगे हाथों दबोच लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने आईपीएल मैचों में सट्टा लगाने और खिलाने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने जब उसके मोबाइल की बारीकी से जांच की, तो उसमें सट्टेबाजी से जुड़े कई प्रतिबंधित ऐप्स और सटोरियों से पैसों के लेन-देन के डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए।
इस मामले में जांजगीर थाने में अपराध क्रमांक 403/26 दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है। आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सोमवार को आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी सफल कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, उपनिरीक्षक बी.एस. लकड़ा, सहायक उपनिरीक्षक अरुण सिंह, प्रधान आरक्षक प्रकाश राठौर, राकेश तिवारी, आरक्षक दिलीप सिंह और साइबर सेल की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई।
जांजगीर-चांपा पुलिस के आला अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद कड़ा संदेश जारी किया है। पुलिस का कहना है कि आईपीएल ही नहीं, बल्कि किसी भी खेल प्रतियोगिता के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी पर उनकी पैनी नजर है। पुलिस की साइबर विंग सोशल मीडिया, संदिग्ध वेबसाइट्स और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। पुलिस ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में जुआ और सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
