रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज सुबह से ही लोकतंत्र का एक बड़ा उत्सव देखा जा रहा है, जहाँ त्रिस्तरीय पंचायतों के आम व उपचुनाव और नगरीय निकायों के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है। सुबह से ही ग्रामीण और शहरी इलाकों के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी और उत्साही कतारें नजर आ रही हैं। जहाँ एक तरफ गांवों में पंच, सरपंच और जनपद पंचायत सदस्यों को चुनने के लिए ग्रामीणों में खासा उत्साह है, वहीं शहरों में भी मतदाता अपने वार्ड के पार्षद के चयन के लिए बढ़-चढ़कर घरों से बाहर निकल रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि कई सीटों पर प्रतिनिधियों का निर्विरोध निर्वाचन पहले ही हो चुका है, जिसके बाद बची हुई शेष सीटों पर आज सीधा मुकाबला है।
इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। व्यवस्था को अनूठा बनाने के लिए जहाँ पंचायत क्षेत्रों में पारंपरिक मतपेटियों (बैलट बॉक्स) के माध्यम से वोट डाले जा रहे हैं, वहीं नगरीय निकायों में आधुनिक ईवीएम (EVM) मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों के बीच आयोग ने सभी केंद्रों पर पेयजल और छांव जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की हैं। समय की बात करें तो दोनों ही चुनावों के लिए अलग-अलग समय तय किया गया है; नगरीय निकायों में सुबह 8 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा, जबकि पंचायती क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से ही वोटिंग शुरू हो चुकी है जो दोपहर 3 बजे समाप्त हो जाएगी।
अगर चुनावी आंकड़ों और सीटों के गणित पर नजर डालें, तो यह चुनाव बेहद व्यापक स्तर पर हो रहा है। इस महामुकाबले में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के 5 पद, पार्षद के 77 पद, जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद और पंच के कुल 1,136 पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में हैं। इन जनप्रतिधियों का भविष्य तय करने के लिए जनता में भारी उत्साह है, जिसमें नगरीय निकाय चुनाव के तहत कुल 31,928 मतदाता और पंचायत चुनाव में 1,02,797 मतदाता अपने सबसे बड़े संवैधानिक अधिकार यानी मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। दोपहर तक के रुझान बताते हैं कि इस बार मतदान का प्रतिशत पिछले चुनावों के मुकाबले काफी बेहतर रहने की उम्मीद है।
