जांजगीर-चांपा। जिले में प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़क कार्रवाई करते हुए रेत माफिया की कमर तोड़ दी है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के कड़े रुख के बाद खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने आक्रामक अंदाज में मोर्चा संभाला। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की सबसे हैरान करने वाली और बड़ी तस्वीर ग्राम आमोदी (खपरीडीह) में देखने को मिली, जहाँ माफिया द्वारा अवैध रूप से डंप करके रखी गई लगभग 100 ट्रैक्टर रेत को प्रशासनिक अमले ने वापस नदी के सीने में उड़ेल दिया। प्रशासन के इस कड़े कदम ने साफ कर दिया है कि सरकारी संपत्ति पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकी; पीथमपुर-भादा और देवरहा क्षेत्र में जब संयुक्त टीम ने अचानक दबिश दी, तो वहाँ का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। नियमों को ताक पर रखकर भारी-भरकम चैन माउंट मशीनों से नदी का सीना चीरा जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया और अवैध खनन में लगी दो विशालकाय चैन मशीनों को जब्त कर मौके पर ही सीलबंद (सील) कर दिया।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यह कार्रवाई कोई ढिलाई नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाला अभियान है। दर्ज मामलों की जांच ‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय नियम 2025’ और ‘खान एवं खनिज अधिनियम 1957’ के तहत बेहद कड़ाई से की जा रही है। जिला प्रशासन के इस ‘एक्शन मोड’ से पूरे इलाके के अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में यह प्रशासनिक हंटर और तेज चलने की उम्मीद है।
