रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए एक अनोखा कदम उठाया। रायपुर से कवर्धा जाते समय उपमुख्यमंत्री ने बेमेतरा के पास हाईवे पर ‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ सेवा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसी अधिकारी को सूचना देने के बजाय स्वयं एक आम नागरिक की तरह मारपीट और सड़क दुर्घटना का पीड़ित बनकर डायल-112 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज कराने के बाद वे हाईवे के पास ही एक ढाबे पर रुककर पुलिस टीम के पहुंचने का इंतजार करने लगे।
डायल-112 की टीम बिना किसी पूर्व सूचना के निर्धारित समय के भीतर मौके पर पहुंच गई। पुलिस टीम को इतनी तेजी से मुस्तैद देखकर उपमुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की। इसके बाद उन्होंने वाहन में मौजूद आधुनिक तकनीकी उपकरणों, जीपीएस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सुविधाओं और रिस्पांस व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि संकट के समय आम लोगों को इसी तरह त्वरित और बिना किसी देरी के सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो सके।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में आपातकालीन सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश में 400 ‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का यह औचक निरीक्षण इसी अत्याधुनिक सेवा की जमीनी तत्परता और कार्यप्रणाली को परखने का एक हिस्सा था, जिससे पुलिस विभाग के मैदानी अमले में हड़कंप और सतर्कता दोनों देखने को मिल रही है।
