जांजगीर-चांपा। जिले की अकलतरा तहसील अंतर्गत मुड़पार गांव में स्थित रामसागर डैम क्षेत्र से अवैध मिट्टी और मुरूम खनन को लेकर भारी बवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के बीच हुए इस विवाद ने अब प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। ग्रामीणों ने लिखित शिकायत थाने में की है जिसकी शिकायत के बाद पुलिस अमर के खिलाफ fir दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने 296,251,(3),115,(2),3(5) धारा के तहत अपराध दर्ज किया हैं। अमर सुल्तानिया ने भी कुछ ग्रामीणों के खिलाफ fir दर्ज कराया है। पुलिस अब मामले में जांच कर रही हैं।
आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को जांजगीर-चांपा कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपते हुए कड़ी और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सोमवार रात स्वयं अमर सुल्तानिया पोकलेन मशीन और हाइवा के जरिए डैम क्षेत्र में अवैध उत्खनन करा रहे थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने अवैध खनन का विरोध किया, तो भाजपा नेता विवाद पर उतर आए। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने खुद को प्रदेश स्तर का बड़ा नेता और मुख्यमंत्री का बेहद करीबी बताते हुए जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इस घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि डैम क्षेत्र से लगातार हो रहे अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है और रामसागर डैम के अस्तित्व पर सीधा संकट मंडरा रहा है। यह डैम इलाके के जलस्तर और किसानों की सिंचाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
सरपंच का कहना है कि तालाब गहरीकरण के दौरान कुछ गाड़ियों को मौखिक अनुमति दी गई थी। हालांकि, इससे पहले किसी तरह की अनुमति दी गई हो, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। यह बयान खुद कई सवाल खड़े कर रहा है।
वहीं भाजपा नेता अमर सुल्तानिया ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मुड़पार के कुछ ग्रामीण रात में शराब पीकर बदमाशी कर रहे थे और उनके कर्मचारियों से गलत व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि मैं केवल उन्हें समझाने गया था। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई हैं। आए दिन ग्रामीण जनहित कार्यों में बाधा डालने का काम करते हैं। पहले भी उनको समझाया गया था। कुछ ग्रामीण रात में शराब के नशे में गाली गलौज भी कर रहे थे।
