नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग का असर अब घरेलू बाजार पर साफ दिखने लगा है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आम जनता को झटका देते हुए आज एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। गौरतलब है कि पिछले पांच दिनों के भीतर आम उपभोक्ताओं पर महंगाई की यह दूसरी बड़ी मार है। इससे पहले बीते शुक्रवार, 15 मई को ही कंपनियों ने ईंधन के दामों में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया था। इस तरह देखें तो महज पांच दिनों के भीतर ही देश में पेट्रोल और डीजल के दाम 3.90 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में मालभाड़ा और दैनिक जरूरत की चीजें और महंगी होने के आसार हैं।
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रहे इस इजाफे के पीछे वैश्विक परिस्थितियां मुख्य वजह बनी हुई हैं। दरअसल, मिडिल-ईस्ट (मध्य-पूर्व) में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गई है। इस वैश्विक तेजी के कारण घरेलू तेल कंपनियों को रोजाना करीब 1000 से 1200 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। हालांकि, पिछले हफ्ते हुई 3 रुपये की बढ़ोतरी से कंपनियों के दैनिक घाटे में करीब 25 फीसदी की कमी जरूर आई थी, लेकिन लंबे समय तक इस बढ़ते खर्च का बोझ खुद उठाने के बाद अब कंपनियों ने इसका भार सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर डालना शुरू कर दिया है।
आज हुई इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश के चारों मुख्य महानगरों में ईंधन के दाम नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल भी 91 पैसे की बढ़त के साथ 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अब एक लीटर पेट्रोल के लिए उपभोक्ताओं को 107.59 रुपये (91 पैसे की बढ़ोतरी) और डीजल के लिए 94.08 रुपये (94 पैसे की बढ़ोतरी) चुकाने होंगे। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल 96 पैसे महंगा होकर 109.70 रुपये और डीजल 94 पैसे बढ़कर 96.07 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई की बात करें तो यहाँ पेट्रोल के दाम 82 पैसे की तेजी के साथ 104.49 रुपये और डीजल के दाम 86 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 96.11 रुपये प्रति लीटर के स्तर को छू चुके हैं।
