जांजगीर-चांपा। फटाफट न्यूज की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह के वायरल ऑडियो को प्रमुखता से उठाने के बाद आखिरकार राज्य शासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। मामले में जांच पूरी होते ही अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो और अखबारों में प्रकाशित खबरों के बाद आखिरकार राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें अधिकारी का आचरण अत्यंत अभद्र, अमर्यादित और सेवा नियमों के विरुद्ध पाया गया।
प्राप्त प्रतिवेदन क्रमांक 5838/एडीएम-स्टेना/2026, दिनांक 13 मई 2026 के अनुसार, दिनांक 12 मई 2026 को कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह और उनके अधीनस्थ वाहन चालक शशिकांत साहू (संलग्न कार्यालय एसडीएम अकलतरा/बलौदा) के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत का ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था। यह ऑडियो 13 मई को समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुआ, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
जांच में खुलासा…
अधिकारी ने की गाली-गलौज, वरिष्ठ अफसरों पर भी टिप्पणी अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, जांजगीर-चांपा द्वारा दोनों पक्षों के कथन लेकर कराई गई जांच में यह स्पष्ट रूप से सिद्ध हुआ कि शशांक सिंह ने अपने अधीनस्थ चालक से मोबाइल पर अशोभनीय, आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। इतना ही नहीं, बातचीत के दौरान उन्होंने जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति भी अमर्यादित टिप्पणी करते हुए चालक को प्रताड़ित किया।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि इस पूरे घटनाक्रम से प्रशासनिक छवि को गंभीर क्षति पहुंची है और यह आचरण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
सेवा नियमों के तहत निलंबन राज्य शासन ने शशांक सिंह को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के तहत कदाचरण का प्रथमदृष्ट्या दोषी मानते हुए, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 (1)(क) के अंतर्गत निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। इस दौरान वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र रहेंगे।
