रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से सरकारी दावों और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलती एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। जिले के गुढ़ इलाके में एक बेबस पति को जब अपनी प्रसव पीड़ा से कराहती पत्नी के लिए ‘108 एंबुलेंस’ की सुविधा नहीं मिली, तो वह उसे हाथ से खींचने वाली ठेला पर लिटाकर आधी रात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर मजबूर हो गया। इस पूरे वाकये का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रदेश के बेहतर स्वास्थ्य इंतजामों के बड़े-बड़े दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, गुढ़ निवासी माझरिया कोल की गर्भवती पत्नी को बीती रात अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। पत्नी को तड़पता देख परेशान पति ने तुरंत सरकारी मदद के लिए 108 एंबुलेंस को फोन मिलाया। संकट की इस घड़ी में परिवार को उम्मीद थी कि सरकारी मदद जल्द पहुंचेगी, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी जब कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं आई, तो लाचार पति से अपनी पत्नी का दर्द और नहीं देखा गया। आखिरकार, उसने रात के करीब 12 बजे पत्नी को एक ठेला पर लिटाया और खुद उसे खींचते हुए गुढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर दौड़ पड़ा। अस्पताल पहुंचकर उसने पत्नी को भर्ती कराया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।
इस पूरी जद्दोजहद के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद किसी शख्स ने इस बेबसी का वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए रीवा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। हालांकि, मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सिस्टम के वेंटिलेटर पर होने की यह कोई पहली तस्वीर नहीं है। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग ग्रामीण अंचलों से कभी बांस-बल्ली की डोली बनाकर तो कभी कंधों और ठेलिया पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के कई दिल दहला देने वाले मामले सामने आते रहे हैं, जो हर बार दावों की जमीनी हकीकत बयां कर जाते हैं।
