दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ कुम्हारी क्षेत्र में गैस सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के चार लोग असमय काल के गाल में समा गए। यह भीषण हादसा उस वक्त हुआ जब घर में मौजूद सदस्य अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यस्त थे, तभी अचानक हुए जोरदार धमाके ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
मृतकों में 45 वर्षीय अनिल वैष्णव, 20 वर्षीय लक्ष्मी, 18 वर्षीय चांदनी और महज डेढ़ साल की मासूम गोपिका शामिल हैं। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूँज से आसपास के मकानों की खिड़कियां तक हिल गईं और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संभवतः गैस रिसाव के कारण पूरे घर में एलपीजी फैल गई थी, जिसने किसी चिंगारी के संपर्क में आते ही विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने इतनी तेजी से मकान को अपनी चपेट में लिया कि अंदर फंसे लोगों को संभलने या बाहर निकलने का तनिक भी अवसर नहीं मिल सका।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं, लेकिन तब तक अग्नि का तांडव सब कुछ स्वाहा कर चुका था। सुरक्षाकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मलबे से क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रही है और घटनास्थल पर सुरक्षा बल तैनात है, ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
