मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के विकास में मील का पत्थर मानी जाने वाली बौरीडांड-अम्बिकापुर रेल दोहरीकरण परियोजना ने अब निर्णायक गति पकड़ ली है। रेल अधोसंरचना को विस्तार देने वाली इस महत्वपूर्ण योजना के लिए भू-अर्जन की कार्यवाही पूरी होने के बाद प्रशासन ने प्रभावित भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि वितरण की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। इस कदम से न केवल रेल विस्तार का कार्य सुगम होगा, बल्कि उन 111 निजी भूमि स्वामियों को भी बड़ी राहत मिलेगी जिनकी जमीनें इस विकास कार्य के दायरे में आई हैं।
इस परियोजना की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके अंतर्गत उजियारपुर, बरबसपुर, दर्रीटोला, सरोला, सेमरा, लाई, उदलकछार, शंकरगढ़ और बेलबहरा सहित कुल 09 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए प्रशासन ने कुल 6.980 हेक्टेयर भूमि अर्जित की है, जिसमें 5.225 हेक्टेयर निजी भूमि और 28 विभिन्न प्रकरणों में शामिल 1.755 हेक्टेयर शासकीय भूमि शामिल है। इन सभी प्रभावित क्षेत्रों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने विस्तृत सर्वे के बाद ही मुआवजे की रूपरेखा तैयार की है।
मुआवजा वितरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा कुल 4,78,47,777 रुपये की भारी-भरकम अवार्ड राशि पारित की गई है। 05 मई 2026 को अवार्ड पारित होने के तत्काल बाद अब भुगतान की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नागपुर उप-तहसील और स्थानीय तहसीलदार के माध्यम से सभी पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि बिना किसी मध्यस्थ या देरी के, मुआवजा राशि सीधे किसानों और भूमि स्वामियों के खातों में डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि मुआवजा वितरण पूरी तरह से पारदर्शी और नियमसंगत होगा। अधिकारियों का मानना है कि रेल लाइन के दोहरीकरण से सरगुजा संभाग में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे स्थानीय व्यापार और आवागमन को नई ऊर्जा मिलेगी। यह परियोजना न केवल जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि आने वाले समय में क्षेत्र के आर्थिक विकास के नए द्वार भी खोलेगी। वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान त्वरित भुगतान और निर्माण कार्य को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।
