जांजगीर-चांपा। जिले के कुदरी बैराज में मंगलवार शाम खौफनाक छलांग लगाने वाले 11वीं के छात्र शिवम साहू की तलाश आखिरकार एक दुखद अंत के साथ समाप्त हुई। बिलासपुर से आई एसडीआरएफ (SDRF) की विशेषज्ञ टीम और स्थानीय गोताखोरों के संयुक्त पराक्रम से गुरुवार सुबह, लगभग 38 घंटों के लंबे इंतजार के बाद, छात्र का निष्प्राण शरीर बैराज से 200 मीटर की दूरी पर बरामद कर लिया गया।
मंगलवार शाम 4 बजे घटी इस हृदयविदारक घटना ने उस वक्त अफरा-तफरी मचा दी थी, जब चांपा निवासी शिवम ने प्रत्यक्षदर्शियों के सामने अचानक गहरे पानी में मौत की छलांग लगा दी। ग्राम सरपंच आर.के. बबली यादव और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता के बावजूद, बैराज के लबालब पानी और बिछी हुई जलकुंभियों की चादर ने बचाव दल की राह में कांटे बो दिए थे। आलम यह था कि छात्र को खोजने के लिए बोरवेल कैमरे तक की मदद ली गई, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
इस दर्दनाक कदम के पीछे की कहानी किताबी बोझ और परीक्षा के तनाव से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, परीक्षा परिणाम उम्मीद के मुताबिक न रहने के कारण शिवम गहरे मानसिक अवसाद में था; उसने पानी में समाने से ठीक पहले अपने एक मित्र को फोन कर इस आत्मघाती कदम की सूचना भी दी थी। बुधवार को जब स्थानीय प्रयास विफल रहे, तब प्रशासन ने एसडीआरएफ को कमान सौंपी, जिसके बाद गुरुवार की सुबह सफलता हाथ लगी।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीडीएम हॉस्पिटल चांपा भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने न केवल साहू परिवार को उम्र भर का गम दे दिया है, बल्कि पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। अब आक्रोशित स्थानीय नागरिक प्रशासन से बैराज की सुरक्षा बढ़ाने और निगरानी के पुख्ता इंतजाम करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई और ‘शिवम’ तनाव की भेंट न चढ़ सके।
