नई दिल्ली। भारत के सामरिक इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय जोड़ने वाले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम किया है। प्रधानमंत्री ने एक वर्ष पूर्व पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए कायराना हमले का भारतीय सेना द्वारा दिए गए उस सटीक और मुंहतोड़ जवाब को याद किया, जिसने दुनिया के सामने भारत के दृढ़ संकल्प की नई परिभाषा लिखी थी।
सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के विरुद्ध भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से भारतीय सेना के पेशेवर तालमेल और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत विकसित स्वदेशी रक्षा उपकरणों की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया, जिसने इस मिशन की सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई।
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने संस्कृत के एक ओजस्वी सुभाषित, “उदीर्णमनसो योधा वाहनानि च भारत। यस्यां भवन्ति सेनायां ध्रुवं तस्यां जयं वदेत्।।” के जरिए भारतीय वीरों का उत्साहवर्धन किया। इस श्लोक का सार साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जिस सेना के योद्धा उत्साह से लबरेज हों और जिनके संसाधन व वाहन सुसज्जित हों, उसकी विजय को विधाता भी नहीं टाल सकता।
अपनी बात को जन-आंदोलन का रूप देते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एक विशेष अपील भी की। उन्होंने आग्रह किया कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और हमारे सैनिकों के सम्मान में लोग अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर इस अभियान से जुड़ी गौरवमयी तस्वीर को अपनी डिस्प्ले पिक्चर (DP) के रूप में लगाएं, ताकि पूरा देश एक स्वर में अपनी सेना के साथ खड़ा नजर आए।
