जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे ने अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के सदस्यों ने इस घटना को लेकर उग्र प्रदर्शन किया और दावा किया है कि क्रूज में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के अनिवार्य नियमों का पालन नहीं किया गया था।
मंच के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण क्रूज में फोर-स्ट्रोक इंजन का न होना था, जबकि NGT ने जल निकायों में क्रूज और नाव संचालन के लिए ऐसे इंजनों को अनिवार्य कर रखा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि तकनीकी खामियों और दो में से एक इंजन के अचानक बंद हो जाने के कारण क्रूज असंतुलित होकर पलट गया।
हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज करा रहे मंच के सदस्यों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर विस्तृत जांच पूरी होने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त क्रूज को नष्ट करने का निर्णय क्यों लिया गया? मंच ने मांग की है कि इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जल्द ही NGT में याचिका दायर करेंगे। हालांकि, बढ़ते विरोध को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
