रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 23 फरवरी को एक-दो स्थानों पर अति हल्की वर्षा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है, जबकि बारिश का मुख्य असर बस्तर संभाग के जिलों में देखने को मिल सकता है।
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में दिनभर बादलों की आवाजाही रही। खैरागढ़ समेत कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी दर्ज की गई, जिससे बढ़ती गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिली। हालांकि व्यापक बारिश के संकेत फिलहाल नहीं हैं, लेकिन अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं हल्की वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है।
मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय है, जिसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकता है। इसके साथ एक द्रोणिका दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र तक करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है, जिसका प्रभाव छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है।
तापमान की बात करें तो रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। वर्तमान में शहर का अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2.5 डिग्री अधिक है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 24 फरवरी से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे रात में हल्की ठंड फिर लौट सकती है।
रविवार को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहा। सर्वाधिक तापमान राजनांदगांव में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। बदलते मौसम के बीच विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
