जशपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल जशपुर स्थित सुविख्यात ब्रह्मनिष्ठालय सोगड़ा आश्रम में अघोरेश्वर चरणपादुका, शिवलिंग एवं दिव्य प्रतिमा स्थापना का 31वां दो दिवसीय वार्षिकोत्सव पूरी श्रद्धा, गरिमा और सेवाभाव के साथ प्रारंभ हो गया है। 26 और 27 अक्टूबर को आयोजित इस दिव्य अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ श्री सर्वेश्वरी समूह एवं बाबा भगवान राम ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्यपाद औघड़ गुरुपद संभव राम जी के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। वार्षिकोत्सव के आरंभ के साथ ही संपूर्ण आश्रम परिसर अघोरेश्वर महाप्रभु की स्मृति और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर नजर आ रहा है।
उत्सव के पहले दिन सोमवार को प्रातः 8:15 बजे पूज्य बाबा जी ने सर्वप्रथम मां काली के विग्रह पर माल्यार्पण कर विधि-विधान से आरती और पूजन संपन्न किया। इसके उपरांत उन्होंने परमपूज्य अघोरेश्वर महाविभूति स्थल पर श्रद्धासुमन और माला अर्पित कर दीपदान किया तथा भावपूर्ण महाआरती उतारी। पूज्य बाबा जी ने अघोरेश्वर महाप्रभु की पावन समाधि की पांच परिक्रमा पूरी कर ‘अघोरन्ना परो मंत्रः, नास्ति तत्वं गुरोः परम्’ के दिव्य महामंत्रोच्चार के साथ अखंड अष्टयाम संकीर्तन की शुरुआत कराई, जिसके अनवरत गायन से समूचा वातावरण भक्तिमय हो उठा है।आध्यात्मिक अनुष्ठानों के समानांतर ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के अघोर संकल्प को साकार करते हुए प्रातः 9:45 बजे आश्रम परिसर में विशेष निःशुल्क चिकित्सा शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया गया। पूज्य बाबा जी ने अघोरेश्वर महाप्रभु के चित्र पर माल्यार्पण, धूप-दीप प्रज्ज्वलन और श्रीफल अर्पित कर इस सेवा कार्य का शुभारंभ किया। यह शिविर विशेष रूप से क्षेत्र के वनवासी समाज, ग्रामीण अंचल और साधनविहीन जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लगाया गया है।
आध्यात्मिक अनुष्ठानों के समानांतर ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के अघोर संकल्प को साकार करते हुए प्रातः 9:45 बजे आश्रम परिसर में विशेष निःशुल्क चिकित्सा शिविर का औपचारिक उद्घाटन किया गया। पूज्य बाबा जी ने अघोरेश्वर महाप्रभु के चित्र पर माल्यार्पण, धूप-दीप प्रज्ज्वलन और श्रीफल अर्पित कर इस सेवा कार्य का शुभारंभ किया। यह शिविर विशेष रूप से क्षेत्र के वनवासी समाज, ग्रामीण अंचल और साधनविहीन जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लगाया गया है।इस दो दिवसीय महाशिविर में देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे सर्वेश्वरी समूह के 27 वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी निःस्वार्थ सेवाएं दे रहे हैं। शिविर की विशेषता यह है कि यहां आधुनिक एलोपैथी के साथ-साथ पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मरीजों के लिए सामान्य चिकित्सा, हृदय रोग, दंत रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग तथा नेत्र परीक्षण की व्यवस्था की गई है। साथ ही होम्योपैथी, इलेक्ट्रो-होम्योपैथी, आयुर्वेद, फिजियोथेरेपी, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर और ओस्टियोपैथी जैसी विधाओं से भी जटिल रोगों का गहन उपचार किया जा रहा है।
इस दो दिवसीय महाशिविर में देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे सर्वेश्वरी समूह के 27 वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी निःस्वार्थ सेवाएं दे रहे हैं। शिविर की विशेषता यह है कि यहां आधुनिक एलोपैथी के साथ-साथ पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मरीजों के लिए सामान्य चिकित्सा, हृदय रोग, दंत रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग तथा नेत्र परीक्षण की व्यवस्था की गई है। साथ ही होम्योपैथी, इलेक्ट्रो-होम्योपैथी, आयुर्वेद, फिजियोथेरेपी, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर और ओस्टियोपैथी जैसी विधाओं से भी जटिल रोगों का गहन उपचार किया जा रहा है।स्वास्थ्य परीक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए मौके पर ही आधुनिक पैथोलॉजी जांच की पूरी सुविधा रखी गई है। शिविर में आने वाले मरीजों की ब्लड शुगर (रक्त शर्करा), मलेरिया और विडाल (टाइफाइड) जैसी आवश्यक जांचें पूरी तरह निःशुल्क की जा रही हैं। इसके अलावा मांसपेशियों की कार्यक्षमता और शारीरिक लचीलेपन के आकलन के लिए मैनुअल मस्कुलर प्रेशर टेस्टिंग की विशेष व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य परीक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए मौके पर ही आधुनिक पैथोलॉजी जांच की पूरी सुविधा रखी गई है। शिविर में आने वाले मरीजों की ब्लड शुगर (रक्त शर्करा), मलेरिया और विडाल (टाइफाइड) जैसी आवश्यक जांचें पूरी तरह निःशुल्क की जा रही हैं। इसके अलावा मांसपेशियों की कार्यक्षमता और शारीरिक लचीलेपन के आकलन के लिए मैनुअल मस्कुलर प्रेशर टेस्टिंग की विशेष व्यवस्था की गई है।
सोगड़ा आश्रम का यह 31वां वार्षिकोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रहकर आध्यात्मिक उत्थान और दीन-दुखियों की सेवा का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जहां एक ओर अखंड संकीर्तन से चित्त को शांति मिल रही है, वहीं दूसरी ओर निःशुल्क उपचार व परामर्श से सैकड़ों वनवासियों और ग्रामीणों को स्वास्थ्य का संबल मिल रहा है।
