भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे वीआईपी और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके ‘चार इमली’ से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ रहने वाले एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी ने मंगलवार दोपहर अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका महज 11वीं कक्षा की छात्रा थी, जो अपने परिवार के साथ इसी सरकारी बंगले में रह रही थी। दोपहर के वक्त जब घर के बाकी लोग अपने कामों में व्यस्त थे, तब छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उठाया। जैसे ही परिजनों को इस बात की भनक लगी, घर में कोहराम मच गया और तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही हबीबगंज थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुँची और शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया, जिसे तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में अब तक घटनास्थल से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसने इस खुदकुशी के पीछे के कारणों को बेहद रहस्यमयी बना दिया है। आखिर 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक हंसती-खेलती लड़की ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसका जवाब ढूंढने के लिए पुलिस अब छात्रा के मोबाइल फोन को खंगाल रही है और उसकी कॉल डिटेल्स व सोशल मीडिया संपर्कों की गहनता से तकनीकी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर अनिवार्य वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है। सदमे में डूबे परिजनों और बंगले के आसपास मौजूद स्टाफ व लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के वक्त की कड़ियों को जोड़ा जा सके। थाना प्रभारी का कहना है कि आत्महत्या की असली वजह का खुलासा विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और मोबाइल डेटा की बारीकी से जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
