नई दिल्ली। नई दिल्ली में 8वें वेतन आयोग के गठन के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदों ने नई उड़ान भरी है और ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने इस बार अपनी मांगों का जो पुलिंदा पेश किया है, वह कर्मचारियों के भविष्य की पूरी तस्वीर बदल सकता है। फेडरेशन की सबसे प्रमुख और चौंकाने वाली मांग शिक्षकों की रिटायरमेंट की आयु को लेकर है, जिसमें उन्होंने तर्क दिया है कि जब यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के तहत आने वाले शिक्षक 65 वर्ष की आयु तक अपनी सेवा दे सकते हैं, तो केंद्र सरकार के अन्य शिक्षकों को 60 वर्ष में क्यों सेवानिवृत्त किया जाए। इस मांग का सीधा उद्देश्य अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का लाभ लंबे समय तक उठाना और उन्हें यूजीसी पैटर्न के समान दर्जा दिलाना है, जिसमें केंद्र शासित प्रदेशों और स्वायत्त निकायों के शिक्षक भी शामिल हैं।
पेंशन के मोर्चे पर भी कर्मचारियों ने एक बीच का रास्ता निकालते हुए सरकार को नई चुनौती दी है। फेडरेशन के अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल ने स्पष्ट किया है कि चूंकि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) पूरी तरह बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर है, इसलिए कर्मचारियों को सेवा के कुछ साल बाद पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापस लौटने का विकल्प मिलना चाहिए। कर्मचारी संगठन का तर्क है कि यदि रिटायरमेंट के वक्त शेयर बाजार गिरता है, तो कर्मचारी का भविष्य अधर में लटक जाएगा, लिहाजा उन्हें उनकी अंतिम सैलरी का आधा हिस्सा और महंगाई भत्ता (DA) बतौर पेंशन देने की गारंटी मिलनी चाहिए। यह मांग उन लाखों कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है जो बाजार के जोखिमों से घबराए हुए हैं।
वेतन संरचना में सुधार की बात करें तो कर्मचारी संगठनों ने इस बार 3.833 के फिटमेंट फैक्टर और 69,000 रुपये के न्यूनतम मूल वेतन की मांग पर अपना रुख कड़ा कर लिया है। इसके साथ ही, वार्षिक वेतन वृद्धि को वर्तमान दर से बढ़ाकर 6% से 7% करने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे। फेडरेशन ने यह भी मांग की है कि केंद्र सरकार के सभी आदेशों का लाभ केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) और स्वायत्त निकायों (CABs) के कर्मचारियों को भी समान रूप से मिलना चाहिए। एक समान अवकाश नीति और वेतन विसंगतियों को दूर करने के इन प्रस्तावों ने अब 8वें वेतन आयोग के पाले में गेंद डाल दी है, जिसका निर्णय आने वाले समय में करोड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति तय करेगा।
