नई दिल्ली। रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे पनामा के ध्वजवाहक वाणिज्यिक पोत ‘एमटी ऑन पीस’ पर हुए मिसाइल हमले पर भारत ने कड़ा आक्रोश जताया है। ओमान तट के समीप हुए इस भीषण हमले में जहाज पर सवार 12 चालक दल के सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इस पोत पर तैनात कुल 19 सदस्यों में से 17 भारतीय नागरिक थे। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने इस घटना की तीखी भर्त्सना करते हुए अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर व्यापारिक जहाजों को निरंतर निशाना बनाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि घटना के तत्काल बाद ओमान के स्थानीय अधिकारियों की मदद से सभी घायल भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वर्तमान में ओमान के खसाब में उनका समुचित उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारत सरकार ने संकट की इस घड़ी में त्वरित राहत और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए ओमान प्रशासन के प्रति औपचारिक आभार व्यक्त किया है।
इस समुद्री क्षेत्र में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात पर सख्त रुख अपनाते हुए भारत ने नागरिक जहाजों और निर्दोष नाविकों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोके जाने का आह्वान किया है। मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, नाविकों की सुरक्षा और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने का सिलसिला तत्काल बंद होना चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्बाध नौवहन की बहाली सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री गलियारा माना जाता है। पिछले कुछ समय से पश्चिमी एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण व्यापारिक जहाजों पर अज्ञात हमलों का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे दुनिया भर के ऊर्जा प्रवाह के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
