नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों और ग्राहकों की चिंताओं के बीच, देश की सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल पंपों पर अपना शिकंजा कस दिया है। इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने देशभर में अपने रिटेल आउटलेट्स पर फ्यूल क्वालिटी की जांच प्रक्रिया को न केवल तेज कर दिया है, बल्कि गुणवत्ता मानकों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
इंडियन ऑयल ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए पिछले एक सप्ताह में देशभर में 10,000 से अधिक औचक निरीक्षण किए हैं और 8,500 से ज्यादा फ्यूल क्वालिटी टेस्ट पूरे किए हैं। कंपनी का स्पष्ट कहना है कि ग्राहकों को तय मानकों के अनुरूप शुद्ध ईंधन उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में, भारत पेट्रोलियम ने 3 से 13 जुलाई के बीच 932 नियमित परीक्षण किए, जबकि उनकी विशेष गुणवत्ता नियंत्रण इकाइयों ने मोबाइल लैब के जरिए अलग से सैंपलिंग की। वहीं, हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने इस अवधि में 1,385 नियमित जांचों के अलावा एथनॉल ब्लेंडिंग के मानकों को सुनिश्चित करने के लिए 2,173 विशेष औचक निरीक्षण किए हैं।
कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि शुरुआती जांच में अभी तक किसी भी बड़े रिटेल पंप पर मिलावट या गुणवत्ता में कमी का मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, कंपनियों ने चेतावनी दी है कि जो भी डीलर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते या मिलावट करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में सोशल मीडिया पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर फैले भ्रम के बीच कंपनियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट दावे पर भरोसा न करें। यदि किसी को ईंधन की शुद्धता पर संदेह हो, तो वे सीधे संबंधित पेट्रोल पंप या कंपनी के आधिकारिक कस्टमर केयर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
