नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना को नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। देश के सबसे अनुभवी फाइटर पायलटों में शुमार एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के अगले प्रमुख (चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) होंगे। सरकार के आधिकारिक निर्णय के अनुसार, वर्तमान वाइस चीफ एयर मार्शल दीक्षित आगामी 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर को एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (एपी सिंह) की सेवानिवृत्ति के बाद यह शीर्ष पद संभालेंगे।
9 दिसंबर 1966 को जन्मे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। अपने लगभग चार दशक लंबे गौरवशाली सेवाकाल के दौरान उन्होंने वायुसेना की दक्षिणी कमान में एयर डिफेंस कमांडर और दक्षिण-पश्चिमी कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर जैसी अहम रणनीतिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। राष्ट्र के प्रति उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2006 में वायु सेना मेडल, 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल, 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से अलंकृत किया जा चुका है।
एक कुशल ‘क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर’ और ‘एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट’ के रूप में एयर मार्शल दीक्षित को 3,500 घंटे से अधिक की उड़ान का गहन अनुभव है। उन्होंने मिराज-2000, जगुआर, मिग श्रृंखला के विभिन्न संस्करणों, सुखोई, किरण, हॉक और स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस सहित कई परिवहन विमानों को उड़ाया है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे दीक्षित ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ‘ऑपरेशन सफेद सागर’, ‘ऑपरेशन रक्षक’ और संयुक्त युद्धाभ्यास ‘कोप इंडिया’ जैसे कई अहम अभियानों में रणनीतिक भूमिका निभाई है।
सैन्य हलकों में आशुतोष दीक्षित को रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण के प्रबल समर्थक के रूप में जाना जाता है। एलसीए तेजस और भविष्य के लड़ाकू विमानों की स्वदेशी परियोजनाओं को गति देने में उनकी भूमिका अग्रणी रही है। उनके इस शीर्ष पद पर आसीन होने से भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण और सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ संकल्प को सामरिक स्तर पर नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
