नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने मतदाता सूची और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस के रुख पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि जो कांग्रेस पहले स्वयं डुप्लीकेट और मृतक मतदाताओं के नाम हटाने की वकालत करती थी, वही आज मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध कर भ्रम फैला रही है।
डॉ. त्रिवेदी ने अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट और के. सी. वेणुगोपाल के पुराने बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि कांग्रेस 2016, 2018 और 2020-21 में सही थी या आज सही है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने की बात कर रही है, उनमें 2.8 करोड़ मृतक, लगभग 1 करोड़ डुप्लीकेट और करोड़ों स्थानांतरित मतदाता शामिल हैं। स्थानांतरित मतदाताओं के पास तो केंद्र चुनने का विकल्प होता है, लेकिन मृतक और डुप्लीकेट नामों को वोटिंग से जोड़ने का क्या औचित्य है?
राशन कार्ड और मनरेगा का उदाहरण देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पारदर्शी जांच से राशन कार्ड में 5.8 करोड़ और मनरेगा में 4.45 करोड़ फर्जी लाभार्थी पकड़े गए थे। ऐसे में मतदाता सूची की पड़ताल से कांग्रेस को क्या आपत्ति है, और वह फर्जी नामों को बचाकर किसे लाभ पहुंचाना चाहती है?
कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सेना, न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग, सेबी और वैक्सीन तक पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस का एक भी आरोप सच साबित नहीं हुआ। राहुल गांधी देश ही नहीं, विदेश में भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की साख गिराने का प्रयास करते हैं।
डॉ. त्रिवेदी ने याद दिलाया कि 2003 से पहले ही 228 लोकसभा सीटों वाले राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात और ओडिशा से कांग्रेस अपनी गलत नीतियों के कारण सत्ता से बाहर हो चुकी थी, न कि मतदाता सूची की वजह से। उन्होंने उपचुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों को कोई विसंगति दिखती है, तो वे कानूनी प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराएं, न कि हार तय देखकर संवैधानिक संस्थाओं पर अनर्गल आरोप लगाएं।
