बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के तखतपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने एक सार्वजनिक मंच से ही अधिकारियों की क्लास लगा दी। मौका था केंद्र सरकार के कार्यकाल पर आयोजित ‘विकसित भारत का अमृत काल – सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण’ शिविर का, जो देखते ही देखते तीखी बहसों और मंत्री जी के कड़े तेवरों का गवाह बन गया। नगर पालिका तखतपुर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) अमरेश सिंह को उस वक्त भारी मंच पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब केंद्रीय मंत्री ने उनकी कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताते हुए सीधे जवाब-तलब कर लिया।
मंत्री तोखन साहू के गुस्से की मुख्य वजह विकास कार्यों में हो रही भारी लेती-लतीफी थी। उन्होंने मंच से गरजते हुए खुलासा किया कि लगभग दो साल पहले मंच निर्माण के लिए ₹25 लाख की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती का आलम यह है कि आज तक उसका वर्क ऑर्डर तक जारी नहीं हो सका। मंत्री ने भरे मंच से जब इस कछुआ चाल का हिसाब माँगा, तो CMO अमरेश सिंह बगलें झाँकते नजर आए और जल्द से जल्द काम शुरू कराने का रटा-रटाया आश्वासन देने लगे। हालांकि, मंत्री ने बेहद सख्त लहजे में दोटूक कह दिया कि जनता के विकास कार्यों में ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तखतपुर के इस सरकारी शिविर में माहौल तब और ज्यादा गर्मा गया जब स्थानीय भाजपा पार्षदों ने भी अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने सीधे केंद्रीय मंत्री के सामने शिकायत दर्ज कराई कि इतने महत्वपूर्ण शिविर का न तो ढंग से प्रचार-प्रसार किया गया और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समय पर इसकी सूचना दी गई। पार्षदों का आरोप था कि अधिकारियों की इस तानाशाही और लापरवाही के कारण ही आम जनता इस कल्याणकारी शिविर का पूरा लाभ नहीं उठा पाई।
कार्यक्रम के समापन पर केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार बीते वर्षों से गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के उत्थान के लिए पूरी ईमानदारी से समर्पित है। ऐसे में सरकार की जनहितकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाने में जो भी अधिकारी रोड़ा बनेगा या ढिलाई बरतेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
