रायपुर। राजधानी रायपुर के प्रमुख तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर चल रही सभी चर्चाओं और संशय पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने दो-टूक कहा कि तेलीबांधा चौक का नाम न तो बदला जा रहा है और न ही इसके मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ होगी; चौक का नाम पहले की तरह ही रहेगा। जनता किसी भी तरह के भ्रम में न रहे।
मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रदेश भर के 38 प्रमुख स्थानों को ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की मूल भावना के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिसमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। यह पहल केवल सौंदर्यीकरण और जनसेवा के प्रतीक के रूप में विकास से जुड़ी है, नाम बदलने से नहीं। यह पूरा अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ का हिस्सा है।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ सम्मेलन के मंच से उन्होंने प्रदेश की महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में जारी करने की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्ग जिले को बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़े कई नए विकास कार्यों की सौगात भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार सेवा और सुशासन के मंत्र के साथ प्रदेश के हर वर्ग और हर अंचल के समग्र विकास के लिए निरंतर समर्पित है।
