बलरामपुर। सड़क सुरक्षा को ताक पर रखकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ बलरामपुर पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा सख्त अभियान छेड़ा है। वर्ष 2026 के शुरुआती 9 महीनों में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 1001 नशेड़ी वाहन चालकों को पकड़कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जिनसे कुल 1 करोड़ 13 लाख 15 हजार 400 रुपये का शमन शुल्क वसूल किया गया है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से लापरवाह चालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमें प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर आधुनिक ब्रेथ एनालाइजर से चालकों की जांच कर रही हैं। केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि सख्त दंडात्मक रुख अपनाते हुए पुलिस ने अब तक 251 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस ज़ब्त किए हैं, जिनमें से 144 चालकों के लाइसेंस आगामी 3 महीनों के लिए निलंबित भी कर दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इस मुहिम का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाकर निर्दोष नागरिकों की जान बचाना है।
अभियान के साथ ही बलरामपुर पुलिस ने आमजन से ज़िम्मेदार नागरिक बनने की मार्मिक अपील की है। पुलिस ने संदेश दिया है कि शराब के नशे में वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य निर्दोष लोगों के जीवन के लिए भी जानलेवा साबित होता है। पुलिस ने वाहन चलाते समय सीट बेल्ट व हेलमेट का अनिवार्य उपयोग करने, गति सीमा का ध्यान रखने तथा नशे की हालत में किसी को भी ड्राइविंग न करने देने का आग्रह किया है। “नशे में वाहन चलाना, जीवन को खतरे में डालना है। सुरक्षित चलें, सुरक्षित पहुंचें” के संदेश के साथ पुलिस ने चेताया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
