रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बड़ी औद्योगिक दुर्घटना की खबर सामने आई है, जहां पूंजीपथरा स्थित ‘रायगढ़ इस्पात संयंत्र’ में बुधवार दोपहर अचानक हुए एक हादसे की चपेट में आने से चार मजदूर घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद सभी घायल श्रमिकों को इलाज के लिए रायगढ़ के अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूंजीपथरा थाना प्रभारी रामकिंकर यादव ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। घायल हुए सभी श्रमिकों की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच है। प्राथमिक जांच के बाद अस्पताल से राहत भरी खबर यह है कि सभी घायलों की स्थिति फिलहाल पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर है।
इस हादसे को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के बयानों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। शुरुआती कयासों के अनुसार, फर्नेस (भट्ठी) में अधिक नमी जमा हो जाने के कारण ब्लास्ट होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, रायगढ़ इस्पात के जनरल मैनेजर (जीएम) सुनील पांडा ने ब्लास्ट की बात से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चे माल (रॉ मैटेरियल) की वजह से फर्नेस में नमी आ जाती है। जब यह फर्नेस हीट यानी गर्म होती है, तो कई बार भारी मात्रा में गैस का फॉर्मेशन (निर्माण) हो जाता है। इसी गैस के अचानक ऊपर निकलने के कारण वहां घना धुआं फैल गया, जिससे आसपास काम कर रहे मजदूरों में घबराहट और अफरा-तफरी मच गई। जीएम के मुताबिक, भट्ठी के ऊपरी हिस्से पर काम कर रहे कुछ मजदूरों ने डर के मारे इधर-उधर छलांग लगा दी, जिसके चलते वे चोटिल हो गए।
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और तकनीकी टीमें तुरंत एक्शन मोड में आ गईं। पूंजीपथरा थाना पुलिस के साथ-साथ औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम भी मामले की गहनता से जांच कर रही है। विभाग के सहायक संचालक राहुल पटेल ने बताया कि हादसे की वास्तविक वजहों का पता लगाने के लिए एक विशेष तकनीकी टीम को तुरंत प्लांट रवाना कर दिया गया है। जांच टीम इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही है कि क्या प्लांट के भीतर अनिवार्य सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) का पूरी तरह पालन किया जा रहा था, या फिर यह घटना प्रबंधन की किसी बड़ी लापरवाही का नतीजा है।
इस बीच, घायल मजदूरों की पहचान भी सामने आ गई है, जिनमें अमरेश कुमार, फिरोज आलम खान और जांजगीर-चांपा निवासी रामनाथ सूर्यवंशी शामिल हैं, जबकि चौथे घायल श्रमिक की पहचान की कोशिशें जारी हैं। दुर्घटना के बाद से ही उद्योग प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी अपेक्स अस्पताल में डटे हुए हैं और डॉक्टरों के संपर्क में रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राहत की बात यह है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने जिम्मेदारी लेते हुए घोषणा की है कि अस्पताल में भर्ती सभी घायल मजदूरों के इलाज का पूरा खर्च कंपनी उठाएगी। इसके साथ ही, नियमों के तहत इलाज की पूरी अवधि के दौरान घायल श्रमिकों के मासिक वेतन में से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।
