गरियाबंद। पिछले तीन महीनों से गरियाबंद जिले के जोबा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले केराबहार गांव में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार बीती रात वन विभाग के जाल में फंस ही गया। वन अमले और वाइल्ड लाइफ के तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की संयुक्त निगरानी में चलाए गए इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को पूरी तरह सुरक्षित पकड़ लिया गया है। चिकित्सकों के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ नर है, जिसकी उम्र लगभग ढाई से तीन वर्ष के बीच है।
इस तेंदुए की मौजूदगी से पूरा इलाका महीनों से दहशत के साये में जीने को मजबूर था। आक्रामक हो चुका यह तेंदुआ अब तक 10 से अधिक पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना चुका था और कई ग्रामीणों पर हमले का प्रयास भी कर चुका था। सबसे ज्यादा चिंता स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर थी, जिन्हें रोजाना दो किलोमीटर का पैदल रास्ता तय करना पड़ता था। डर के कारण ग्रामीण अपने बच्चों को अकेले भेजने से कतरा रहे थे।
गांव में बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग की टीम पिछले डेढ़ महीने से तेंदुए को पकड़ने के लिए दिन-रात एक कर रही थी। जगह-जगह सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी के बाद बीती रात टीम को यह बड़ी सफलता हासिल हुई। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और क्षेत्र में पसर चुका भय का माहौल अब सामान्य हो गया है।
