जांजगीर-चांपा। जिले में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के आदेश पर बलौदा थाना क्षेत्र के खिसोरा निवासी आदतन निगरानी बदमाश संग्राम सिंह रात्रे को तत्काल प्रभाव से एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया गया है। इस कड़े आदेश के बाद अब आरोपी के जांजगीर-चांपा सहित पड़ोसी जिलों सक्ती, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा और बलौदाबाजार की सीमाओं में प्रवेश करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संग्राम सिंह रात्रे लंबे समय से इलाके में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। उसके खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी और चोरी जैसे विभिन्न गंभीर मामलों में कुल 8 अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा पुलिस उस पर दो बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी कर चुकी थी, लेकिन उसकी आदतों में कोई सुधार नहीं हुआ। आरोपी की दुस्साहसी प्रवृत्ति का आलम यह था कि क्षेत्र के आम नागरिक उसके खौफ के कारण थाने में शिकायत दर्ज कराने से भी कतराते थे, जिससे इलाके की शांति व्यवस्था लगातार खतरे में थी।
भविष्य में किसी बड़े संज्ञेय अपराध की आशंका और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) जांजगीर-चांपा ने आरोपी के खिलाफ एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया था। छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 एवं 5 के तहत की गई इस अनुशंसा को जिला कलेक्टर के पास भेजा गया था, जिस पर गंभीरता से विचार करते हुए जिला दंडाधिकारी ने यह कड़ा फैसला सुनाया।
प्रशासन और पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति स्थापित करना और नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना है। यदि आरोपी संग्राम सिंह ने इस एक साल की अवधि के दौरान जिला बदर के आदेश का उल्लंघन किया या बिना सक्षम अनुमति के इन छह जिलों की सीमा में पैर भी रखा, तो उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त और नई दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
