जशपुर। मोबाइल फोन के महज 1,000 रुपये के बकाया विवाद ने एक युवक की जान ले ली। जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जुरगुम के जंगल में मिले अज्ञात शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझाते हुए हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी कृष्णा उर्फ कैलाश यादव (30 वर्ष, निवासी ग्राम झगरपुर) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लाल रंग की स्विफ्ट कार भी बरामद कर ली है।
मामले की शुरुआत 23 सितंबर को हुई, जब जुरगुम-तुर्रापानी जंगल क्षेत्र में रपटा पुलिया के समीप टेकरी के पीछे एक अज्ञात युवक का रक्तरंजित शव देखा गया। स्थानीय ग्रामीण मनियारो बाई की सूचना के बाद गांव के युगल किशोर साय ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। बगीचा पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो मृतक के सिर पर गंभीर चोट और अत्यधिक खून बहा मिला। चेहरे को किसी जंगली जानवर द्वारा क्षत-विक्षत कर दिए जाने के कारण शुरुआती दौर में मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जहां डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि युवक की मौत हत्या की वजह से हुई है। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ हत्या की बीएनएस धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी गई।जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय पूछताछ के आधार पर मृतक की पहचान ग्राम विमड़ा निवासी राजेश दास के रूप में की। कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम संदेही कृष्णा उर्फ कैलाश यादव तक पहुंची। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने सारा सच उगल दिया। आरोपी ने बताया कि राजेश दास से उसका मोबाइल के बकाया 1,000 रुपये को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 23 सितंबर को दोनों एक अन्य साथी के साथ कार में निकले थे। तीसरे साथी को रास्ते में छोड़ने के बाद आरोपी और राजेश जुरगुम रपटा पुलिया की तरफ गए, जहां पैसों को लेकर फिर से तीखी बहस शुरू हो गई।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय पूछताछ के आधार पर मृतक की पहचान ग्राम विमड़ा निवासी राजेश दास के रूप में की। कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम संदेही कृष्णा उर्फ कैलाश यादव तक पहुंची। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने सारा सच उगल दिया। आरोपी ने बताया कि राजेश दास से उसका मोबाइल के बकाया 1,000 रुपये को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 23 सितंबर को दोनों एक अन्य साथी के साथ कार में निकले थे। तीसरे साथी को रास्ते में छोड़ने के बाद आरोपी और राजेश जुरगुम रपटा पुलिया की तरफ गए, जहां पैसों को लेकर फिर से तीखी बहस शुरू हो गई।विवाद बढ़ने पर आरोपी ने राजेश को कार से नीचे उतारा और पास में पड़े लकड़ी के भारी फाड़े से उसके सिर पर दो प्राणघातक वार किए। राजेश की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद आरोपी ने शव को घसीटकर टेकरी के पीछे फेंक दिया। साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपी ने शातिराना तरीका अपनाया। उसने मृतक का मोबाइल और हमले में इस्तेमाल लकड़ी का फाड़ा मैनी नदी में बहा दिया, अपने पहने हुए खून सने कपड़े डोड़की नदी में फेंक दिए और अपनी लाल स्विफ्ट कार को धोकर खून के धब्बे मिटाने की कोशिश की।
विवाद बढ़ने पर आरोपी ने राजेश को कार से नीचे उतारा और पास में पड़े लकड़ी के भारी फाड़े से उसके सिर पर दो प्राणघातक वार किए। राजेश की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद आरोपी ने शव को घसीटकर टेकरी के पीछे फेंक दिया। साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपी ने शातिराना तरीका अपनाया। उसने मृतक का मोबाइल और हमले में इस्तेमाल लकड़ी का फाड़ा मैनी नदी में बहा दिया, अपने पहने हुए खून सने कपड़े डोड़की नदी में फेंक दिए और अपनी लाल स्विफ्ट कार को धोकर खून के धब्बे मिटाने की कोशिश की।पुलिस ने आरोपी के घर से वारदात में इस्तेमाल कार जब्त करते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। मामले में साक्ष्य नष्ट करने की धारा 238 BNS भी जोड़ी गई है और आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में बगीचा थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रांत कुमार सोन, सहायक उपनिरीक्षक नरेश मिंज और पूरी पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस ने आरोपी के घर से वारदात में इस्तेमाल कार जब्त करते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। मामले में साक्ष्य नष्ट करने की धारा 238 BNS भी जोड़ी गई है और आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में बगीचा थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रांत कुमार सोन, सहायक उपनिरीक्षक नरेश मिंज और पूरी पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
