जशपुर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोस्ती कर युवती की निजी तस्वीरें व वीडियो रिकॉर्ड करने, उन्हें वायरल करने और जान से मारने की धमकी देने वाले शातिर आरोपी को जशपुर पुलिस ने देश की राजधानी दिल्ली से धर दबोचा है। उत्तर प्रदेश निवासी 24 वर्षीय आरोपी शोवित उर्फ शोभित कुशवाहा (पिता कृष्ण पाल) घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल दो सिम कार्ड लगा मोबाइल फोन जब्त कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 21 जनवरी 2026 को 19 वर्षीय पीड़िता ने सिटी कोतवाली जशपुर में अपनी आपबीती दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, अप्रैल 2024 में उसकी पहचान ‘4Fun’ ऐप के जरिए शोभित से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई। इस दौरान आरोपी ने युवती पर अनुचित दबाव बनाकर वीडियो कॉल के जरिए उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो स्क्रीन रिकॉर्ड कर लिए। बाद में इन निजी तस्वीरों को व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल कर दिया गया। जब पीड़िता ने विरोध जताया और बातचीत बंद करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे व उसके पूरे परिवार को जान से मारने की खौफनाक धमकी दी।
शिकायत मिलते ही कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 23/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79, 351 एवं आईटी एक्ट की धारा 67, 67(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जब उत्तर प्रदेश स्थित आरोपी के पैतृक गांव में दबिश दी, तो वह फरार मिला। इसके बाद साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की लोकेशन दिल्ली में ट्रेस की गई। जशपुर पुलिस की विशेष टीम ने तुरंत दिल्ली में घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के मोबाइल से व्हाट्सएप चैट और गैलरी में सुरक्षित आपत्तिजनक सामग्री का गवाहों के समक्ष तकनीकी पंचनामा तैयार किया गया। पर्याप्त साक्ष्य और जुर्म कबूलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस सफल ऑपरेशन में सिटी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, प्रधान आरक्षक विशाल गुप्ता और आरक्षक अविनाश की अहम भूमिका रही।
जशपुर पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अजनबियों से निजी जानकारी साझा न करें। यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग, निजी तस्वीरों का दुरुपयोग या धमकी देता है, तो बिना डरे तुरंत नजदीकी थाने अथवा साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
