बलरामपुर। अपनी वाजिब मांगों को लेकर प्रशासन के रवैये से नाराज पीड़ित किसानों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। धान विक्रय की लंबित राशि का भुगतान न होने और फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के जाल में फंसे किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। पूर्व में दिए गए अल्टीमेटम का कोई असर न होने से आक्रोशित किसानों ने आज, 17 जून 2026 (बुधवार) को सुबह 10 बजे से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित (अम्बिकापुर) की रामानुजगंज शाखा के सामने अनिश्चितकालीन उग्र धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान कर दिया है।
गौरतलब है कि क्षेत्र के किसानों ने बीते 9 जून को मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामानुजगंज को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा से अवगत कराया था। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से वर्ष 2025-26 के धान विक्रय की बकाया राशि का तुरंत भुगतान करने और किसानों के नाम पर किए गए फर्जी केसीसी घोटालों व प्रकरणों को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की गई थी। किसानों को उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन उनकी इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेंगे, लेकिन हफ्ता बीत जाने के बाद भी जब धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों का असंतोष आंदोलन की आग में बदल गया।
समस्त पीड़ित किसानों ने दोटूक शब्दों में साफ कर दिया है कि यह आंदोलन अब तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक कि उनकी सभी मांगों का स्थायी और पूर्ण समाधान नहीं हो जाता। किसानों ने प्रशासन को आगाह करते हुए यह भी कहा है कि इस अनिश्चितकालीन और उग्र आंदोलन के दौरान यदि कोई भी अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की होगी। किसानों के इस तीखे रुख और सीधे टकराव की चेतावनी के बाद से ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, और अधिकारी इस पूरे मामले को शांत करने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
