जशपुर. खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों के हितों की रक्षा के लिए जशपुर जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. कलेक्टर रोहित व्यास के दिशा-निर्देशन में विभाग द्वारा उर्वरक दुकानों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है. इसी कड़ी में पत्थलगांव विकासखंड के कोतबा और बागबहार क्षेत्रों में आकस्मिक दबिश दी गई, जहां गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो प्रमुख प्रतिष्ठानों बंटी जनरल स्टोर (बागबहार) और शर्मा कृषि सेवा केन्द्र (कोतबा) को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है.
निरीक्षण के दौरान इन दुकानों में न तो विक्रय दर की सूची प्रदर्शित की गई थी और न ही स्टॉक रजिस्टर का सही संधारण पाया गया. इसके अलावा, किसानों को खाद विक्रय की रसीद न देना और पावती का रिकॉर्ड न रखना विभाग के नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है. विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उर्वरक अधिनियम के तहत इन दुकानों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से शुरू हुए खरीफ विपणन वर्ष के लिए जिले में 26,675 मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य रखा गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 11,306 मीट्रिक टन का भंडारण और 149 मीट्रिक टन का वितरण सुनिश्चित किया जा चुका है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या एकतरफा मुनाफाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके लिए जिले की सभी 187 निजी और शासकीय दुकानों की निगरानी हेतु कृषि विभाग के मैदानी अमलों की नामजद ड्यूटी लगाई गई है, ताकि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी, गैर-कृषि उपयोग और अधिक कीमत पर बिक्री जैसी अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोका जा सके.
साथ ही, विभाग ने किसान भाइयों से भी अपील की है कि वे खाद खरीदते समय हमेशा शासकीय दर का ही भुगतान करें और पक्की रसीद अवश्य लें. यदि कोई दुकानदार उर्वरक के साथ नैनो यूरिया, नैनो डीएपी या अन्य कीटनाशकों को जबरन टैग (बंडल बनाकर बेचना) करता है, तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद सही समय और सही दाम पर मिल सके.
