धमतरी। जिले में इस बार बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों को लेकर शिक्षा विभाग ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सत्र 2025-26 की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में जिन स्कूलों का रिजल्ट 50 प्रतिशत की दहलीज भी पार नहीं कर पाया, वहां के 10 प्राचार्यों को विभाग ने ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर सीधे तौर पर जवाब तलब किया है। विभाग ने यह साफ कर दिया है कि बच्चों के भविष्य और पढ़ाई की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
दिलचस्प बात यह है कि इस साल धमतरी जिले का ओवरऑल प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले बेहतर रहा है, जिसमें 10वीं के 76.18 फीसदी और 12वीं के 84.18 फीसदी छात्र पास हुए हैं। लेकिन इस बेहतरीन प्रदर्शन के बीच कुछ स्कूलों की लापरवाही ने प्रशासन को चौंका दिया। हाल ही में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक में जब आंकड़ों का पोस्टमार्टम किया गया, तो इन 10 स्कूलों की गंभीर लापरवाही सामने आई।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले इन स्कूलों में धमतरी विकासखंड का सोरम (47.37%), दोनर (44.74%) और बारना (43.75%) शामिल हैं। वहीं कुरूद विकासखंड के दहदहा स्कूल का रिजल्ट 38.67% और सेजेस हिंदी माध्यम का प्रदर्शन महज 32.20% रहा। मगरलोड विकासखंड के सोनझरी (46.66%), मोहरेंगा (43.47%) और बिरझुली (40.74%) स्कूलों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक पाई गई। नगरी विकासखंड के पीवीजीटीआरएस स्कूल का ग्राफ भी गिरकर 42.86% पर टिक गया। इस सूची में सबसे खास मामला शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल देवपुर का रहा, जहां एक ही प्राचार्य के अंडर आने वाली 10वीं कक्षा का रिजल्ट 33.90% और 12वीं का 42.22% रहा, जिसके चलते दोनों कक्षाओं को संयुक्त रूप से इस कड़े एक्शन के दायरे में लाया गया है।
कलेक्टर की इस समीक्षा बैठक के बाद अब पूरे जिले के स्कूलों में सुधार की कवायद तेज हो गई है। सभी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे कमजोर छात्रों के लिए फौरन विशेष (एक्स्ट्रा) कक्षाएं शुरू करें और उनका रेगुलर असेसमेंट करें। जिला शिक्षा अधिकारी अभय कुमार जायसवाल ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि नोटिस का जवाब संतोषजनक न होने पर संबंधित प्राचार्यों के खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आगामी पूरक (सप्लीमेंट्री) परीक्षाओं में छात्रों का प्रदर्शन सुधारने के लिए विभाग अभी से विशेष तैयारियों और अतिरिक्त कक्षाओं पर फोकस कर रहा है।
