मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली वनमंडल के लोरमी वन परिक्षेत्र में टेरिटरी (क्षेत्रीय वर्चस्व) की जंग में एक तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। कंचनपुर बॉर्डर के पास दो तेंदुओं के बीच हुआ यह खूनी संघर्ष इतना भयानक था कि इसकी दहाड़ से पूरा इलाका दहल उठा। इस आपसी लड़ाई में एक नर तेंदुआ तो मौके पर ही ढेर हो गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर लापता है। वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया है और घायलों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
यह पूरी घटना कंचनपुर बैरियर के पास कक्ष क्रमांक 1529 पीएफ के सामान्य वनक्षेत्र की है। मंगलवार शाम करीब 7 बजे जब बैरियर के चौकीदार ने जंगल में एक तेंदुए का बेजान शरीर देखा, तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। रात के अंधेरे और सुरक्षा को देखते हुए वनकर्मियों ने रातभर शव की निगरानी की। ग्रामीणों के मुताबिक, शाम के वक्त जंगल से दो तेंदुओं के आपस में लड़ने और दहाड़ने की बेहद डरावनी आवाजें आ रही थीं, जिससे साफ है कि यह इलाका हथियाने की आपसी जंग थी।
फिलहाल, मारे गए तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए कानन पेंडारी भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम इसका मुआयना करेगी। उपवनमंडलाधिकारी दशांश सूर्यवंशी ने बताया कि ग्रामीणों के बयान और शुरुआती हालातों से यह मामला आपसी फाइट का ही लग रहा है, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी। वन विभाग ने एहतियात के तौर पर आसपास के जंगलों में गश्त बढ़ा दी है और घायल तेंदुए को ढूंढने के लिए टीमें तैनात कर दी हैं ताकि समय रहते उसका इलाज किया जा सके।
