रायपुर। असम में चुनावी दौरे पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के काफिले पर हुए हमले को लेकर छत्तीसगढ़ में भी सियासी घमासान तेज हो गया है। जहां कांग्रेस ने इसे भाजपा का ‘गुंडाराज’ और सुनियोजित हमला बताया है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पलटवार करते हुए इसे कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का परिणाम बताया है।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का पलटवार
काफिले पर पथराव की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, “भूपेश बघेल हमारे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और इस अप्रिय घटना में हम उनके साथ खड़े हैं। लेकिन इस घटना के लिए सीधे भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाना पूरी तरह गलत है। बघेल जी को पहले अपनी पार्टी के भीतर चल रही अंतर्कलह और गुटबाजी की जांच करानी चाहिए। यह हमला कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का ही नतीजा प्रतीत होता है।”
नगांव में प्रचार के दौरान हुआ था पथराव
घटना के अनुसार, असम के नगांव में चुनावी रैली के बाद लौट रहे भूपेश बघेल और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के काफिले पर पथराव किया गया। पार्टी के मुताबिक, दोनों प्रमुख नेता सुरक्षित हैं, लेकिन काफिले में पीछे चल रहे एक वाहन के शीशे टूट गए। इस घटना में एआईसीसी सचिव मनोज चौहान सहित कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं।
भूपेश बघेल का आरोप, ‘सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का गुंडाराज’
घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए भूपेश बघेल ने असम के मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लिखा: “आज नगांव में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे कांग्रेस के काफिले पर भाजपा के लोगों ने प्राणघातक हमला किया। हमारी कारों पर पत्थरों से हमले हुए, कार का शीशा टूट गया। भीतर बैठे एआईसीसी सचिव मनोज चौहान और अन्य साथियों को चोटें आईं हैं। मैं और गौरव गोगोई जिस कार में थे, उस पर तो एसिड तक फेंका गया। गनीमत रही कि शीशे बंद थे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के गुंडाराज का पर्दाफाश हुआ है। उपचुनाव में हार के डर से भाजपा ऐसी कायराना हरकत कर रही है।”
इसके साथ ही बघेल ने चुनाव आचार संहिता के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
कांग्रेस ने बताया कायराना हरकत
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि असम में भाजपा उपचुनाव हारने के डर से बौखला गई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की। गौरतलब है कि कांग्रेस आलाकमान द्वारा असम का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद भूपेश बघेल का यह पहला आधिकारिक असम दौरा था, जहां चुनावी प्रचार के दौरान यह घटना सामने आई।
