अम्बिकापुर। सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर में सोशल मीडिया के जरिए अधिकृत पत्रकारों, प्रतिष्ठित नागरिकों और समाज की छवि धूमिल करने वाले एक तथाकथित गिरोह के खिलाफ जनआक्रोश भड़क उठा है। नागरिक सुरक्षा मंच ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को सरगुजा कलेक्टर, रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) और पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर फर्जी पत्रकारों के एक संगठित सिंडिकेट के खिलाफ 48 घंटे के भीतर अपराध दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा में इस गिरोह के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो नागरिक सुरक्षा मंच पुलिस प्रशासन के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा।
आईजी को सौंपे गए ज्ञापन में मंच ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ वर्षों से शहर में अकील अहमद अंसारी, जितेन्द्र जायसवाल, आकांक्षा टोप्पो, दीपक मानिकपुरी, बिहारी लाल तिर्की, भगत अमानत सिंह और श्रुति यादव समेत कई लोग एक संगठित सिंडिकेट बनाकर सक्रिय हैं। ये असामाजिक तत्व खुद को पत्रकार बताकर फेसबुक पेज और निजी प्रोफाइलों के जरिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। बिना किसी प्रमाण और सत्यापन के अश्लील, भ्रामक और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित कर लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया जा रहा है, जिससे शहर में कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मंच का कहना है कि संभाग के विभिन्न थानों में पूर्व में भी इनके खिलाफ कई शिकायतें दी गई हैं, लेकिन कथित प्रभाव के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
नागरिक सुरक्षा मंच ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर इस सिंडिकेट द्वारा संचालित सभी सोशल मीडिया प्रोफाइलों और विवादित पोस्टों की तत्काल साइबर फॉरेंसिक जांच कराई जाए। साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाने के लिए संबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, पोस्ट, वीडियो, कमेंट्स और डिजिटल प्रमाणों को सुरक्षित कर मेटा (फेसबुक) के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री को फौरन ब्लॉक कराया जाए। इसके अलावा, गिरोह को संरक्षण देने वाले नगर के सफेदपोश चेहरों और विभागीय अधिकारियों को बेनकाब करने के लिए संदिग्धों के मोबाइल सीडीआर एवं व्हाट्सएप चैट की विस्तृत जांच करने और उनकी अवैध संपत्ति की पड़ताल करने की भी मांग रखी गई है।
ज्ञापन के अंत में मंच ने जिला प्रशासन से शहर में आपसी सौहार्द्र बनाए रखने और जनता का विश्वास पुनः बहाल करने के लिए सर्वदलीय व प्रबुद्धजनों की बैठक बुलाकर ठोस दिशा-निर्देश लागू करने का आग्रह किया है। मंच ने दोहराया कि वर्ग, समुदाय और जाति के नाम पर समाज को बांटने और भयादोहन करने वाले तत्वों को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पुलिस को 48 घंटे के भीतर निष्पक्ष व निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
