अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के जनपद पंचायत अम्बिकापुर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत करम्हा में 15वें वित्त आयोग की विकास राशि में बंदरबांट का एक संगीन मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। कभी ‘सांसद आदर्श ग्राम’ के तौर पर चयनित इस पंचायत में धरातल पर काम कराने के बजाय केवल कागजों में निर्माण दिखाकर लाखों रुपयों का वारा-न्यारा करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच राजू पाण्डेय ने पूरे मामले के पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने का दावा करते हुए जिला पंचायत सरगुजा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), कलेक्टर एवं जनपद सीईओ को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए तत्कालीन सचिव सहित तकनीकी अमले के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने और गबन की गई राशि की वसूली की मांग उठाई गई है।
शिकायतकर्ता उपसरपंच का सीधा आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं उससे पूर्व स्वीकृत योजनाओं में तत्कालीन पंचायत सचिव श्याम सुंदर साहू (वर्तमान पदस्थापना हर्रा टिकरा), जनपद के संबंधित उपअभियंता (इंजीनियर) तथा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) ने एक सुनियोजित गठजोड़ बनाकर शासकीय धन का गबन किया। आरोप के अनुसार, तकनीकी अधिकारियों ने मौके पर जाए बिना ही गैर-मौजूद और अधूरे निर्माण कार्यों का फर्जी मूल्यांकन (वैल्यूएशन) तैयार किया। इसके बाद तत्कालीन सचिव ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए चहेती फर्मों खास तौर पर ‘श्री इन्फोटेक ट्रेडर्स’ और ‘देवधन ट्रेडर्स’ के खातों में मनमाने ढंग से सरकारी खजाने से भुगतान जारी कर दिया।
शिकायत में बिंदुवार वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करते हुए आरोप लगाया गया है कि मिडिल स्कूल भवन की मरम्मत, ढलाई व पेवर ब्लॉक लगाने के नाम पर 99,882 रुपये तथा उसी स्कूल में पेयजल व्यवस्था के नाम पर दो किस्तों में 79,336 रुपये और 1,00,000 रुपये का फर्जी मूल्यांकन कर आहरण कर लिया गया। इसी तरह हैंडपंप एवं वाटर सोलर सिस्टम की मरम्मत के मद में लाखों रुपये के बिल पास कराए गए। इसके अलावा, पीडीएस भवन से चंद्रिका के घर तक नाली निर्माण मद में 2,47,580 रुपये, नाली सफाई के नाम पर 52,750 रुपये तथा हसुली में पानी टंकी स्थापना के नाम पर 1,99,873 रुपये का भुगतान संबंधित वेंडरों को कर दिया गया, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि जमीनी स्तर पर इन कार्यों का कोई वजूद नहीं दिखता।
उपसरपंच राजू पाण्डेय ने कहा कि यह पूरा घोटाला तब का है जब करम्हा गांव सांसद आदर्श ग्राम योजना का हिस्सा था। उन्होंने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर यह दावा किया है कि सरकारी राशि का खुलेआम दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने प्रशासनिक उच्चाधिकारियों से मांग की है कि एक स्वतंत्र तकनीकी दल गठित कर सभी निर्माण व मरम्मत कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि कागजी विकास की कलई खुल सके और पद का दुरुपयोग कर शासन को चूना लगाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
