अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आस्था के बड़े केंद्र मां महामाया मंदिर, अम्बिकापुर के प्रसाद को लेकर एक चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर परिसर के सामने स्थित एक दुकान से लिए गए मोतीचूर के लड्डू का सैंपल सरकारी लैब की जांच में पूरी तरह फेल हो गया है।
भोपाल की सरकारी मान्यता प्राप्त लैब से आई इस रिपोर्ट ने श्रद्धालुओं की सेहत और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में पता चला है कि लड्डू में कृत्रिम स्वीटनर ‘एसपार्टेम’ और सिंथेटिक फूड कलर ‘सनसेट येलो’ की मात्रा तय मानकों से कहीं अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी भारी मात्रा में इन केमिकल्स का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है।इस गंभीर रिपोर्ट के सामने आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, एहतियात के तौर पर मंदिर परिसर की अन्य सभी प्रसाद दुकानों से भी दोबारा सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बाकी दुकानों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई तय की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।
इस गंभीर रिपोर्ट के सामने आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, एहतियात के तौर पर मंदिर परिसर की अन्य सभी प्रसाद दुकानों से भी दोबारा सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बाकी दुकानों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई तय की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।
