कोरबा। छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र गुरमा में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रशासनिक अमले को अलर्ट पर ला खड़ा किया है। घर से लगी बाड़ी में बने कुएं से पानी खींच रहे 55 वर्षीय ग्रामीण सोनसाय मंझवार अचानक कुआं धंसने से लगभग 15 फीट गहरे मलबे में दब गए हैं। हादसे को बीते 24 घंटे से अधिक का वक्त गुजर चुका है, लेकिन भारी मात्रा में जमा गीली मिट्टी और दलदल के चलते सोनसाय का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
यह हादसा 1 अक्टूबर की दोपहर करीब 2 बजे का है। बताया जा रहा है कि जिस कुएं में यह हादसा हुआ, उसका निर्माण वर्ष 2017 में एक सरकारी योजना के तहत कराया गया था। सोनसाय जब पानी निकालने पहुंचे, तभी कुएं की दीवारें और आसपास की ज़मीन भरभराकर ढह गई, जिससे उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला और वे सीधे मलबे के नीचे समा गए।
कुएं के धंसते ही परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े और फावड़े-तगाड़ी लेकर मलबा हटाने की कोशिश की, मगर धंसान की गहराई और लगातार गिरती मिट्टी के आगे ग्रामीणों के प्रयास नाकाफी साबित हुए। सूचना मिलते ही श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अनहोनी की आशंका के मद्देनजर भीड़ को रोकते हुए पूरे क्षेत्र को कॉर्डन ऑफ कर दिया।
मौके पर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल व्यापक स्तर पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दो जेसीबी मशीनों की मदद से लगातार मलबा हटाया जा रहा है, वहीं राहत एवं बचाव कार्य में गति लाने के लिए बिलासपुर से आई राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और कोरबा नगर सेना की टीमें मोर्चा संभाले हुए हैं। पूरे गांव में पसरे तनाव और परिजनों की सिसकियों के बीच प्रशासनिक दल सोनसाय तक सुरक्षित पहुँचने के लिए लगातार जूझ रहा है।
