अम्बिकापुर। ऑनलाइन क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर चंद दिनों में रकम कई गुना करने का लालच देकर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का सरगुजा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मणीपुर थाना पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 5 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किया जाने वाला लैपटॉप, प्रोजेक्टर, स्पीकर, मोबाइल, डायरियाँ और प्रचार सामग्री जब्त की गई है। पकड़ा गया यह गिरोह नेपाल से ठगी का तरीका सीखकर आया था और बिलासपुर के मुख्य सरगनाओं के इशारे पर अम्बिकापुर के एक नामचीन होटल में बाकायदा सेमिनार आयोजित कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।
मामले की शुरुआत तब हुई जब दरिमा क्षेत्र के इंदरपुर निवासी विद्याचरण राव ने मणीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित को उसके ही गांव के एक परिचित ने शेयर बाजार और क्रिप्टो से मोटी कमाई का लालच दिया और उदयपुर निवासी मुख्य आरोपी राजकुमार पैंकरा से मिलवाया। आरोपियों ने पीड़ित को झांसा दिया कि ‘Biget Wallet (LGNS)’ नामक क्रिप्टो ऐप में पैसे लगाने पर एक साल में 10 हजार रुपये के सीधे 1 लाख रुपये बन जाएंगे। झांसे में आकर पीड़ित 19 जुलाई को अम्बिकापुर के होटल ‘फिल आनंदम’ में आयोजित ट्रेनिंग सेमिनार में पहुंचा, जहां कांता प्रसाद राजवाड़े नाम का युवक प्रोजेक्टर के जरिए 10-12 अन्य लोगों को 12 लेवल में पैसे कमाने का गणित समझा रहा था। वहां आरोपियों ने पीड़ित से 10,000 रुपये नगद ले लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की तकनीकी और जमीनी छानबीन के बाद कांता प्रसाद राजवाड़े (27), राजकुमार पैंकरा (42), जीवन साय टोप्पो (36), फिरोज लकड़ा (35) और मुकेश कुमार गुप्ता (46) को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपियों ने बताया कि उन्हें बिलासपुर निवासी त्रिभुवन साहू और रमाशंकर साहू ने Bitget Wallet में निवेश के गुर सिखाए थे। आरोपी प्ले स्टोर से यह फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर लोगों से नगद या ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए पैसे ऐंठते थे और फिर फर्जी रिसीविंग एड्रेस पर टोकन ट्रांसफर कर देते थे। आरोपियों ने नेपाल में जाकर यह पूरा सेमिनार मॉडल सीखा था और ‘गेम चेंजर एकेडमी’ लिखी टी-शर्ट पहनकर भोले-भाले निवेशकों को भ्रमित कर रहे थे।
सरगुजा पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के तार छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ-साथ देश के कई राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। फरार मुख्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। डीआईजी व एसएसपी सरगुजा के दिशा-निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल (आईपीएस) के नेतृत्व में मणीपुर थाना प्रभारी सी. पी. तिवारी और उनकी टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे रातों-रात अमीर बनने या अत्यधिक मुनाफे का लालच देने वाले किसी भी भ्रामक ऐप या अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर निवेश न करें और सतर्क रहें।
