संगठनात्मक गतिविधियों के लिए बीआरसी कार्यालय का इस्तेमाल कितना उचित?
सरकारी अधिकारी की उपस्थिति को लेकर भी चर्चा, सरकारी तंत्र और संगठन की भूमिका पर उठे सवाल
अकलतरा। शिक्षक हितों और अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले शिक्षक संगठन का कार्यक्रम अब नए सवालों के घेरे में है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन की विकासखंड इकाई अकलतरा ने बुधवार को बीआरसी कार्यालय में परिचय पत्र वितरण एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष से लेकर संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे, लेकिन आयोजन के लिए सरकारी भवन का इस्तेमाल और उसमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी की बतौर मुख्य अतिथि मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है।
सवाल यह है कि क्या किसी शिक्षक संगठन को अपनी संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यक्रमों के लिए सरकारी कार्यालय का उपयोग करना उचित है? यदि इसकी अनुमति ली गई थी तो किस अधिकारी ने दी और किन शर्तों पर दी गई? क्या सरकारी भवन सभी पंजीकृत संगठनों के लिए इसी तरह उपलब्ध कराया जाता है या फिर यह सुविधा चुनिंदा संगठनों तक सीमित है?
दूसरी ओर, कार्यक्रम में अकलतरा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवकांत द्विवेदी की मुख्य अतिथि के रूप में मौजूदगी ने भी प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारी का दायित्व सरकारी शिक्षा व्यवस्था का संचालन और शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को देखना है। ऐसे में किसी कर्मचारी संगठन के औपचारिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की भूमिका निभाने को लेकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सरकारी अधिकारी को ऐसी संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ना चाहिए? हालांकि, केवल कार्यक्रम में शामिल होना किसी नियम के उल्लंघन का प्रमाण नहीं है, लेकिन इसकी प्रशासनिक मर्यादा और औचित्य स्पष्ट होना चाहिए।
हैरानी की बात यह है कि कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने शिक्षक हितों, सेवा सुरक्षा और TET जैसे मुद्दों पर संगठन की लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया। संगठन ने इसे एकता और सम्मान का आयोजन बताया, लेकिन आयोजन स्थल और सरकारी अधिकारी की भूमिका पर उठ रहे सवालों का जवाब कौन देगा?
अब निगाहें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर हैं। क्या बीआरसी कार्यालय में कार्यक्रम की अनुमति ली गई थी? क्या सरकारी अधिकारी की इस भूमिका को विभागीय स्तर पर उचित माना जाता है? इन सवालों पर जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
