जांजगीर-चांपा में वसूली को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा, निष्पक्ष जांच की उठ रही मांग
जांजगीर-चांपा। जिले में एक सांसद प्रतिनिधि पर अवैध वसूली किए जाने के आरोपों को लेकर प्रशासनिक और विभागीय हलकों में नाराजगी बढ़ने की चर्चा है। आरोप है कि सांसद प्रतिनिधि होने की हैसियत का दुरुपयोग कर कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है तथा उनसे विभिन्न कार्यों के नाम पर अवैध रूप से राशि की मांग की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस गतिविधि से सरकारी विभागों में असंतोष का माहौल बन रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर नाराजगी है कि जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि की भूमिका प्रशासनिक कार्यों में सहयोग और जनसमस्याओं के निराकरण की होनी चाहिए, न कि किसी प्रकार का दबाव बनाकर व्यक्तिगत लाभ लेने की।
मामले को लेकर विभागीय स्तर पर भी चर्चा तेज होने की बात सामने आ रही है। यदि आरोपों में सच्चाई है तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा का मामला है, बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और निष्पक्षता से भी जुड़ा गंभीर विषय है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है। संबंधित अधिकारियों से शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कराए जाने की मांग उठ सकती है, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके। साथ ही यह भी जरूरी है कि बिना प्रमाण किसी व्यक्ति को दोषी न ठहराया जाए।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधि इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कथित अवैध वसूली के आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं।
