अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..सीएम हेल्पलाइन नंबर पर किसान द्वारा धान बीज कंपनी के खिलाफ की गई शिकायत के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर जांच करने पहुँची।उपसंचालक कृषि पी एस दिवान के नेतृत्व में धन बीज की गुणवत्ता की जांच करने पहुँची टीम को जांच में काफी कमियां नजर आई।जिसके बाद कृषि विभाग द्वारा धान बीज कम्पनी के क्षेत्रीय सेल्स मैनेजर समेत कृषि सेवा केंद्र एवं किराना दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम ग्राम भवराडाँड़ निवासी किसान रामकुमार लकड़ा आ लक्ष्मण राम लकड़ा द्वारा पान जमुना धान बीज कंपनी से 12 सौ रुपये पैकेट के दर से दो पैकेट धान बीज लिया था।जिसे किसान ने बड़े उम्मीद के साथ अपने 1 एकड़ 14 डिसमिल के खेत में बोया था ताकि अच्छी फसल कमा कर वो आर्थिक रूप से संपन्न हो सके।किंतु किसान के इस अरमान पर मिलावटी धान बीज ने पानी फेर दिया।किसान द्वारा खेत मे की गई धान बीज की बुआई के बाद उसके खेत मे धान की जगह करगा उग आये।किसान ने जब देखा कि उसके खेत मे धान की जगह 99 प्रतिशत करगा उग आए हैं जो उसके मूल धान के फसल को भी नष्ट कर रहे हैं।
तब उसने सीएम हेल्पलाइन नंबर में पान जमुना धान बीज कंपनी द्वारा मिलावटी बीज सप्लाई करने का आरोप लगा शिकायत कर दी।शिकायत के बाद कृषि विभाग की टीम उपसंचालक कृषि पीतांबर सिंह दिवान के नेतृत्व में मामले की जांच करने किसान के खेत में पहुँची।जांच के दौरान किसान द्वारा धान बीज कंपनी के विरुद्ध लगाए गए सारे आरोप सही पाए गए।जिसके बाद उपसंचालक कृषि ने बीज कंपनी के प्रतिनिधि एवं विक्रेताओं को जमकर फटकार लगाई।उन्होंने कहा कि बीज कंपनी को शासन के मंशा अनुरूप किसानों को शुद्ध एवं मानक बीज उपलब्ध कराना चाहिए।लेकिन बीज कंपनी ने किसानों का भरोसा तोड़ते हुए उनके मेहनत पर पानी फेर दिया है।
इस मामले में उपसंचालक कृषि ने पान जमुना धान बीज कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर सुजीत कुमार पटेल समीर बीज विक्रेता कृषि सेवा केंद्र ग्राम सोनातराई के संचालक आशीष कुशवाहा एवं किराना दुकान संचालक संजय गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है।इस दौरान एसएडीओ कृषि लिली मॉरिस बखला उर्वरक निरीक्षक संतोष बेक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उर्मिला कुजूर पीड़ित किसान रामकुमार लकड़ा समेत ग्रामीण मौजूद थे।
इस संबंध में उपसंचालक कृषि पीतांबर सिंह दिवान ने बताया कि तीन दिन के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।जिसमे बीज अधिनियम 1966 की धाराओं के तहत संबंधित लाइसेंस निरस्तीकरण एवं कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
