भोपाल/मैहर। संगीत और साधना की पावन नगरी मैहर ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर इतिहास के पन्नों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। शहर के फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित ‘मैहर गौरव दिवस’ के भव्य मंच पर एक साथ 3,430 छात्र-छात्राओं ने 9 मिनट 34 सेकंड तक अनुशासित और लयबद्ध कथक नृत्य की सामूहिक प्रस्तुति देकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। हजारों पैरों की एक समान थाप और हस्तमुद्राओं के अद्भुत समन्वय को ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया है।
विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुए इस महाआयोजन में नगर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। जब हजारों की संख्या में पारंपरिक वेशभूषा में सजे छात्र-छात्राओं ने एक लय और एक ताल में कदमताल किया, तो पूरा मैदान दर्शकों की करतल ध्वनि से गूंज उठा। प्रदर्शन के कड़े मानकों और समय सीमा का बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने इस उपलब्धि की विधिवत घोषणा की। संस्था के अधिकारी बी.के. जैन ने बताया कि इससे पहले 1,400 विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक कथक का रिकॉर्ड दर्ज था, जिसे मैहर के विद्यार्थियों ने दोगुने से भी बड़े अंतर से ध्वस्त कर दिया।
रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद मंच पर मौजूद जिले की प्रभारी मंत्री राधा सिंह, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी एवं पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह को संस्था की ओर से आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा गया। विश्वस्तरीय कीर्तिमान स्थापित होने के तुरंत बाद आयोजन स्थल पर भव्य गंगा आरती संपन्न हुई, जिसने इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक समागम को आध्यात्मिक गरिमा से भर दिया। उस्ताद अलाउद्दीन खां की संगीत विरासत को सहेजे मैहर के लिए यह सामूहिक उपलब्धि कला, अनुशासन और नई पीढ़ी की सांस्कृतिक सहभागिता का अप्रतिम उदाहरण बन गई है।
