वाशिंगटन। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता और भारत सरकार द्वारा घोषित आतंकी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) के रडार पर आ चुका है। एजेंसी ने गोल्डी बराड़ पर कड़ा शिकंजा कसते हुए उसे अपनी ‘टॉप-10 मोस्ट वॉन्टेड’ भगोड़ों की सूची में शामिल कर दिया है। इसके साथ ही एफबीआई ने उसकी सटीक जानकारी या गिरफ्तारी में मदद करने वाले के लिए 10 लाख डॉलर (लगभग 10 करोड़ रुपये) के भारी इनाम का ऐलान किया है।
एफबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में स्पष्ट किया है कि गोल्डी बराड़ उत्तरी अमेरिका में सक्रिय लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध सिंडिकेट का अहम मोहरा बनकर काम कर रहा है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह सिंडिकेट दक्षिणी कैलिफोर्निया समेत पूरे अमेरिका और कनाडा में लक्षित हत्याओं (टारगेट किलिंग), राजनीतिक व धार्मिक हस्तियों पर हमलों, अपहरण, जबरन वसूली तथा हथियारों व नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी जैसे संगीन अपराधों का जाल फैलाए हुए है। इसी सिलसिले में कैलिफोर्निया की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट फेडरल कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब से ताल्लुक रखने वाला गोल्डी बराड़ एक पूर्व पुलिसकर्मी का बेटा है। छात्र राजनीति के दौरान अपने चचेरे भाई गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए उसने जुर्म की राह चुनी। इसके बाद लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के संपर्क में आकर उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराध का सिंडिकेट खड़ा कर दिया। मूसेवाला हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने के अलावा 2023 में कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भी उसका नाम सामने आ चुका है। भारत का गृह मंत्रालय उसे पहले ही गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (UAPA) के तहत आतंकी घोषित कर चुका है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, वह वर्तमान में कनाडा के ब्रैम्पटन से बैठकर ‘बब्बर खालसा’ जैसे आतंकी संगठनों की मदद से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है।
