जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर बुधवार को जिले के शिक्षकों ने टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में रैली निकालकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। रैली के बाद मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। नायब तहसीलदार सृजल साहू तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मनहरण थवाईत को ज्ञापन सौंपकर शासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई।
रैली को संबोधित करते हुए संतोष शुक्ला, सत्येंद्र सिंह, विकास सिंह, जिला उप संयोजक डॉ. बोधीराम साहू, योगेंद्र शुक्ला, श्याम स्वरूप शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि जिलेभर के शिक्षकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन ने मांगों की अनदेखी की तो शिक्षक संघर्ष मोर्चा आगे आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा।
ज्ञापन में शिक्षकों की सेवा एवं पदोन्नति के लिए टेट परीक्षा की अनिवार्यता से राहत देने की प्रमुख मांग की गई है। इसके साथ ही पूर्ण सेवा सुरक्षा, पूर्व सेवा अवधि को जोड़कर पेंशन एवं अन्य हितलाभ देने, राज्य के शिक्षकों को केंद्रीय वेतनमान के समान लाभ देते हुए वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग उठाई गई। शिक्षकों ने 13 फरवरी 2026 को जारी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में आवश्यक संशोधन कर शिक्षकों के हित सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। वहीं सेवा एवं पदोन्नति के लिए ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड कराने का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल किया गया है।
रैली में नवागढ़, बलौदा, अकलतरा, बम्हनीडीह और पामगढ़ सहित जिले के विभिन्न विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
