सीतापुर/अनिल उपाध्याय। पखवाड़े भर बाद भी नगर में दिनदहाड़े हुई एक करोड़ के ज्वेलरी की उठाईगिरी मामले में आरोपियों का सुराग लगा पाने में नाकाम पुलिस की असफलता के विरोध में सर्राफा व्यापारीयों का धरना प्रदर्शन अनवरत जारी है।इस धरना प्रदर्शन को अब अधिवक्ता संघ ने अपना समर्थन देते हुए कहा कि नगर में दिनदहाड़े एक करोड़ के ज्वेलरी की उठाईगिरी हो गई और पुलिस आज तक उसका सुराग नही लगा पाई है।पुलिस के लिए इससे बड़ी शर्मनाक बात और क्या हो सकती है कि घटना के इतने दिन हो गए पुलिस आरोपियों को गिरफ्तारी तो दूर उनका सुराग तक नही लगा पाई है।अधिवक्ता संघ ने कहा कि पुलिस इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें ताकि नगर एवं क्षेत्र की जनता भयमुक्त जीवन जी सके।वही इस धरना प्रदर्शन को सर्व आदिवासी समाज ने भी अपना समर्थन देते हुए कहा कि दिनदहाड़े उठाईगिरी की घटना से व्यापारी समेत आम जनता में काफी रोष है।अगर समय रहते अपराधी नही पकड़े गए तो भविष्य में ऐसी घटना की संभावना बनी रहेगी।
विदित हो कि बीते 26 जुलाई को नगर में दिनदहाड़े काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक अरुण सोनी के साथ एक करोड़ के ज्वेलरी की उठाईगिरी हो गई थी।दिन के साढ़े ग्यारह बजे बाइक सवार दो उठाईगीरों ने इस घटना को तब अंजाम दिया था।जब अरुण सोनी ज्वेलरी से भरा बैग स्कूटी में टँगा छोड़कर अपनी दुकान खोल रहे थे।इसी दौरान घात लगाए बाइक सवार उठाईगीरों ने मौका पाते ही स्कूटी में टंगा हुआ ज्वेलरी का बैग लेकर फरार हो गये।काफी व्यस्त एवं भीड़भाड़ वाले इलाके से दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे नगर में हड़कंप मच गया था।उठाईगीरों ने नगर में अब तक सबसे बड़ी उठाईगिरी की घटना को अंजाम देते हुए पुलिस को खुलेआम चुनौती दी थी।इस घटना से नगर की आम जनता एवं व्यापारियों में भय मिश्रित आक्रोश निर्मित हो गया था और उन्होंने इस घटना के विरोध में पुलिस को ज्ञापन सौंप उठाईगीरों की गिरफ्तारी की मांग की थी।पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए पीड़ित पक्ष के साथ थाने जाकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
इस संबंध में थाना प्रभारी ने पीड़ित पक्ष समेत पूर्व मंत्री एवं व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा था कि इस घटना में अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ है।जिनके बारे में पुलिस के हाथ सुराग लग गये है उनको जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।लेकिन पुलिस का यह आश्वासन सभी को गुमराह करने वाला था पुलिस ने अपनी अपनी नाकामी छुपाने के लिए ऐसा बोलकर सभी को गुमराह कर रही थी।जबकि सच्चाई यह थी कि गिरफ्तारी तो दूर पुलिस इस उठाईगिरी की घटना में शामिल आरोपियों का सुराग तक नही लगा पाई थी।पुलिस द्वारा गुमराह करने वाली बात जब व्यापारियों को पता चला तब वो आक्रोशित हो उठे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए नगरबंद एवं चक्काजाम कर दिया था।चक्काजाम के दौरान एडिशनल एसपी द्वारा सप्ताह भर के अंदर एसआईटी जांच एवं अपराधियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने के बाद चक्काजाम समाप्त किया गया था।इस दौरान आईजी एसपी से भी व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल मिलकर ज्ञापन सौंपा था और आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की थी।आईजी एसपी ने भी प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त करते हुए कहा था कि पुलिस की कई टीम आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है जल्द ही अपराधी पुलिस गिरफ्त में होंगे।
लेकिन नतीजा कुछ नही निकला और मजबूर होकर सर्राफा व्यापारी एवं व्यापारी संघ ने पुलिस को ज्ञापन के माध्यम से सूचित करते हुए थाने के पास अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।पुलिस के लिए इससे बड़ी शर्मनाक बात और क्या हो सकती है की जीवन भर की जमापूंजी गंवाने के बाद पीड़ित पक्ष दुकान बंद करके धरना प्रदर्शन को मजबूर हैं।वही दिनदहाड़े हुई उठाईगिरी की इस घटना के इतने दिनों बाद भी पुलिस के हाथ खाली है।इस घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर उनके बारे में अब तक कोई सुराग तक हासिल नही कर पाई है।विगत पांच दिनों से चल रहे इस धरना प्रदर्शन को अब लोगों का भी समर्थन मिलने लगा है।
अधिवक्ता संघ ने इस धरना प्रदर्शन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि दिनदहाड़े हुई यह घटना नगर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चूक है।इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को पुलिस तत्काल गिरफ्तार करें ताकि नगर की जनता एवं व्यापारी भयमुक्त जीवन जी सके।वही सर्व आदिवासी समाज ने भी इस धरना को अपना समर्थन देते हुए कहा कि दिनदहाड़े हुई एक करोड़ ज्वेलरी की उठाईगिरी की घटना से नगर समेत पूरा क्षेत्र दहल उठा है।अगर समय रहते पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नही करती है तो दुबारा ऐसी घटना हो सकती है।
