सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रशासनिक अमले को चुस्त-दुरुस्त करने और स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी के कड़े रुख के बाद जिले के विभिन्न विभागों, कार्यालयों और संस्थानों में लंबे समय से अटैच (संलग्न) चल रहे 50 शिक्षकों और कर्मचारियों का संलग्नीकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। 17 जुलाई 2026 को जारी इस आधिकारिक आदेश के बाद प्रशासनिक हल्के में खलबली मच गई है। आदेश के तहत प्रभावित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बिना किसी देरी के अपने मूल विद्यालय और स्थापना वाले कार्यालयों में वापस लौटकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की जद में अलग-अलग विभागों में जमे कर्मचारी आए हैं, जिनमें कलेक्टर दफ्तर में अटैच 9, खनिज शाखा के 3 और शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों में संलग्नीकरण का लाभ ले रहे 40 कर्मचारी शामिल हैं। यहां तक कि आगामी चुनाव कार्यों के नाम पर मूल जगहों से हटे कर्मचारियों को भी वापस उनकी पुरानी पदस्थापना पर भेज दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करना और शिक्षण व्यवस्था को पटरी पर लाना है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
नए नियमों के मुताबिक, अब इन सभी कर्मचारियों को न केवल अपने मूल विभागों में नियमित रूप से सेवाएं देनी होंगी, बल्कि वीएसके (VSK) ऐप के माध्यम से अपनी दैनिक उपस्थिति भी दर्ज करानी होगी। डिजिटल हाजिरी के इस आदेश से साफ है कि अब काम में किसी भी तरह की लापरवाही या कागजी हाजिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
