जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सड़क निर्माण की मांग को लेकर कानून हाथ में लेना प्रदर्शनकारियों को भारी पड़ गया है। पामगढ़ थाना क्षेत्र के व्यस्त आंबेडकर चौक पर मुख्य मार्ग को बाधित करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने यातायात व्यवस्था ठप करने और आम जनता को परेशान करने के आरोप में 6 नामजद आरोपितों सहित कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और अन्य माध्यमों से चक्काजाम में शामिल अन्य चेहरों की पहचान करने में जुटी है, जिसके बाद इन सभी के खिलाफ सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
यह पूरा मामला बीते 3 जुलाई का है, जब पामगढ़ के आंबेडकर चौक पर स्थानीय सड़क निर्माण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग के बीचों-बीच बैठकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। व्यस्ततम मार्ग होने के कारण देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस चक्काजाम की वजह से न केवल आम राहगीर और यात्री घंटों फंसे रहे, बल्कि आपातकालीन सेवाओं और एम्बुलेंस जैसी गाड़ियों को भी निकलने का रास्ता नहीं मिला। भीषण गर्मी और अव्यवस्था के बीच जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पामगढ़ थाना पुलिस ने जांच के बाद तत्काल कानूनी कदम उठाया और आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया।
इस कार्रवाई के बाद जांजगीर-चांपा पुलिस ने आम जनता और विभिन्न संगठनों से एक विशेष अपील भी जारी की है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र में अपनी मांगें रखने का अधिकार सबको है, लेकिन सार्वजनिक रास्तों को रोककर दूसरों के अधिकारों का हनन करना एक गंभीर कानूनन अपराध है। चक्काजाम जैसे कदमों से मरीज, विद्यार्थी और दैनिक कामकाजी लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर संबंधित विभाग या प्रशासनिक अधिकारियों के सामने शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीके से अपनी बात रखें। इसके साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले और शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी पुलिस इसी तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
